Categories: विदेश

ना दुबई ना चीन इस देश में छिपे हैं केपी शर्मा ओली, खुलासे के बाद Gen-Z के उड़े होश

KP Oli Sharma के पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद लोग कयास लगा रहे थे कि वो दुबई भाग गए हैं लेकिन पूर्व पीएम ने अपने लोकेशन के बारे में बता कर सबको चौंका दिया है।

Published by Divyanshi Singh
Nepal Gen Z Protest: नेपाल में Gen-Z ने सत्ता की नींव हिला दी है. पिछले कुछ नेपाल के लिए बेहद हिंसक रहा है. भारत के पड़ोस में युवाओं के प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफ़ा देने पर मजबूर कर दिया. इस्तीफ़े के बाद खबर सामने आई कि ओली देश छोड़ कर दुबई भाग गए है. वहीं कुछ लोगों ने दावा किया कि वो चीन गए हैं. लेकिन अब केपी शर्मा ओली कहां है इसका खुलासा हो गया है. 

कहां हैं केपी शर्मा ?

ख़ुद केपी शर्मा ओली ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि वह न तो दुबई गए हैं और न ही चीन, बल्कि इस समय नेपाली सेना के सुरक्षा घेरे में शिवपुरी में रह रहे हैं. ओली ने फ़ेसबुक पर एक खुला पत्र साझा किया है, जिसमें उन्होंने जनता और ख़ासकर युवाओं को संबोधित किया है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह सेना के जवानों के बीच सुरक्षित हैं और इस सन्नाटे में भी बच्चों और युवाओं को याद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की मासूम हंसी और स्नेह उन्हें हमेशा रोमांचित करता है.

ओली ने क्या कहा ?

पत्र में ओली ने अपनी निजी पीड़ा का भी ज़िक्र किया. उन्होंने लिखा कि व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई के दौरान सरकार की यातनाओं के कारण उन्हें अपने बच्चों से वंचित होना पड़ा. लेकिन पिता बनने की चाहत कभी खत्म नहीं हुई. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1994 में जब वे गृह मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में सरकार की ओर से एक भी गोली नहीं चलाई गई थी.

Related Post

ओली ने मौजूदा आंदोलन को युवाओं की सच्ची आवाज़ नहीं, बल्कि एक गहरी साज़िश करार दिया. उनके अनुसार, सरकारी दफ्तरों में आगजनी, जेल से कैदियों की रिहाई जैसे कदम किसी निर्दोष विरोध का हिस्सा नहीं हो सकते. उन्होंने चेतावनी दी कि आज उस लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश की जा रही है जिसे संघर्ष और बलिदान से हासिल किया गया है.

ओली ने अपने स्वभाव को ज़िद्दी बताते हुए लिखा कि अगर वे ज़िद्दी न होते, तो अब तक हार मान चुके होते. उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों पर नियम लागू करने से लेकर लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा घोषित करने जैसे कई फैसलों को अपनी ज़िद का नतीजा बताया. उन्होंने यहां तक कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म नेपाल में हुआ था. पत्र के अंत में ओली ने स्पष्ट किया कि उनके लिए पद और प्रतिष्ठा से ज़्यादा देश की व्यवस्था महत्वपूर्ण है. यह वह व्यवस्था है जो लोगों को बोलने, घूमने और सवाल करने का अधिकार देती है और इसे बचाना ही उनके जीवन का उद्देश्य है.

Nepal Unrest: जिंदा हैं नेपाल के पूर्व पीएम खनल की पत्नी, मौत की खबर निकली झूठी

कौन हैं Sushila Karki जिन्हें Gen-Z ने चुना ‘प्रधानमंत्री’, वाराणसी से है खास कनेक्शन

Divyanshi Singh

Recent Posts

क्रिकेट के मैदान तक पहुंचा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आतंक; डर के चलते इस टीम ने बदला अपना कप्तान!

Dilpreet Bajwa link Lawrence Bishnoi: भारतीय मूल के क्रिकेटर दिलप्रीत बाजवा, जिन्होंने हाल ही में…

April 20, 2026

SIP में छुपे चार्ज का खतरा! हर निवेशक को जानना जरूरी; यहां समझिए पूरा हिसाब

SIP Installment: अगर आपके बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता और SIP की किस्त…

April 20, 2026

एंट्री पर बैन लगा देंगे… CJI ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार; नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा हुआ है मामला

Supreme Court News: बेंच ने कहा कि यह लोकप्रियता पाने की कोशिश थी और याचिकाकर्ता…

April 20, 2026

PM Modi visit postponed: रिफाइनरी आग के बाद टला PM मोदी का दौरा, RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का सरकार पर हमला

Pachpadra refinery fire: सोमवार को रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे मौके…

April 20, 2026

Gonda School Vehicle Rules: स्कूल वाहनों पर सख्ती, पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं तो सीज होंगे वाहन; ARTO ने जारी किए कड़े निर्देश

School bus safety: शासन द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालयी वाहनों…

April 20, 2026