Women’s Reservation Bill controversy: महिला आरक्षण बिल, जो एक दिन पहले सदन में विपक्ष की रणनीति के चलते बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं हो सका, इस मुद्दे पर गाजीपुर के समाजवादी पार्टी के सदर विधायक जय किशन साहू से बातचीत की गई. उन्होंने बताया कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के सभी नेता उनके साथ थे. उनका कहना था कि पहले जनगणना कराई जाए, उसके बाद ही आरक्षण पर विचार किया जाए.
विधायक ने सरकार पर साधा निधाना
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल केवल राजनीतिक लाभ के लिए लाया गया था और महिला आरक्षण के नाम पर समाज को गुमराह करने का प्रयास किया गया. साथ ही उन्होंने कहा कि भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दलित और पिछड़े वर्गों को जो अधिकार दिए गए हैं, उन्हें इस बिल में उचित स्थान नहीं मिला, इसलिए उन्होंने इसका विरोध किया और बिल गिर गया.
भाजपा महिलाओं का कितना सम्मान करती?
वहीं, भाजपा द्वारा विपक्ष पर महिलाओं के सम्मान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं का कितना सम्मान करती है, यह किसी से भी पूछ लिया जाए, सच्चाई सामने आ जाएगी. उनके अनुसार, भाजपा का महिलाओं के प्रति सम्मान केवल दिखावा है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दलित और पिछड़ी महिलाओं को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए? उनका कहना था कि आज भी दलित और पिछड़ा वर्ग पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें आरक्षण की आवश्यकता है.
जनगणना की मांग पर क्या बोले विधायक
अखिलेश यादव द्वारा सदन में जनगणना की मांग उठाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार भले ही घर-घर गणना कर रही हो, लेकिन उसमें किस आधार पर गणना हो रही है, यह स्पष्ट नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है और अब जनता उनकी मंशा समझ चुकी है कि महिला आरक्षण बिल के जरिए वे क्या संदेश देना चाहते थे.
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