Laxmi Puja Mantra: देशभर में आज यानी 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई जा रही है. हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दिवाली मनाई जाती है. दिवाली का सीधा संबंध भगवान श्री राम से है. वे 14 वर्ष के वनवास के बाद घर लौटे थे. इस खुशी में अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में घी के दीये जलाकर जश्न मनाया था. इसी खुशी में हर साल दिवाली मनाई जाती है. दिवाली की रात देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में की गई इस पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है. दिवाली की रात देवी लक्ष्मी के कुछ मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. इन मंत्रों के जाप से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. नीचे कुछ ऐसे ही मंत्र पढ़ें..
लक्ष्मी माता का मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः.
अर्थ: इस मंत्र का अर्थ है कि देवी लक्ष्मी की कृपा से हमारे घर में धन, सुख, सौभाग्य और समृद्धि आए.
महालक्ष्मी ध्यान मंत्र
ॐ नमस्तेस्तु महामाये, श्रीपीठे सुरपूजिते.
शंखचक्रगदहस्ते, महालक्ष्मी नमोस्तुते.
अर्थ: इस मंत्र का अर्थ है कि हे महालक्ष्मी, आप महामाया हैं, देवताओं द्वारा आपकी पूजा की जाती है. आपके हाथों में शंख, चक्र और गदा है. आपको बारंबार नमस्कार है.
लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे, विष्णुपत्नी च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्.
अर्थ: इस मंत्र का हिंदी में अर्थ है कि हम सभी मिलकर भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी का ध्यान करते हैं. आप हम सभी को ज्ञान, धन और सौभाग्य प्रदान करें.
धन के लिए लक्ष्मी मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्म्यै नमः
अर्थ: यह देवी लक्ष्मी का सबसे छोटा लेकिन सबसे शक्तिशाली मंत्र है. इसका अर्थ है, हे देवी लक्ष्मी, हम पर अपनी कृपा बरसाएं.
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कुबेर लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै कुबेराय नमः
अर्थ: इस मंत्र का अर्थ है, हे देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर, मैं आपको प्रणाम करता हूं. कृपया मुझ पर अपनी कृपा बरसाएं.

