Home > मध्य प्रदेश > अब फॉरेन से भी आएगा चंदा, बागेश्वर धाम को मिली ‘विदेशी फंड’ लेने की मंजूरी; जानें क्या है FCRA लाइसेंस?

अब फॉरेन से भी आएगा चंदा, बागेश्वर धाम को मिली ‘विदेशी फंड’ लेने की मंजूरी; जानें क्या है FCRA लाइसेंस?

Baba Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम को केंद्र सरकार ने FCRA के तहत विदेशी फंड लेने की इजाजत दे दी है. इस मंजूरी के बाद संस्था अब विदेशों से आधिकारिक तौर पर दान ले पाएगी.

By: Preeti Rajput | Published: April 16, 2026 11:29:12 AM IST



Baba Bageshwar Dham: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया  है. बागेश्वर धाम अब विदेश से पैसा ले सकता है. यह मंजूरी खुद भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के  तहत दी है. इसका मतलब है कि, अब बागेश्वर धाम से जुड़ी संस्था विदेश में रहने वाले लोगों से कानूनी तौर-तरीके से दान ले सकेगी. ऐसा करने के लिए सरकार से खास अनुमति की जरूरत होती है, जो सरकार ने अब दे दी है. 

विदेश ने मिलेगी फंड 

धीरेंद्र शास्त्री की  धार्मिक संस्था बागेश्वर जन सेवा समिति छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है. बता दें कि, यह संस्था धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में काम करती है. अब विदेश से मिलने वाला फंड संस्था के कामों के लिए उपयोग किया जाएगा. बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पिछले काफी समय से चर्चा में है. उनके कार्यक्रमों में भक्त शामिल होते हैं. उनके अनुयायी केवल भारत में ही नहीं, विदेश में भी मौजूद हैं. ऐसे में यह मंजूरी उनके लिए काफी अहम साबित होने वाली है. 

क्या है FCRA?

इस मंजूरी के साथ कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है. FCRA के तहत जो भी संस्था विदेश से फंड लेती है, उसे पूरा हिसाब रखना होता है. कि पैसा कहां से आ रहा है और इसका इस्तेमाल कहां किया जा रहा है. इसकी पूरी जानकारी सरकार को देनी होती है. साथ ही केवल बैंक खाते से लेन-देन करना होता है. समय-समय पर सरकार को रिपोर्ट जमा करनी होती है. 

होर्मुज में हलचल…LPG को लेकर आई डराने वाली रिपोर्ट; भारत में कैसे पडे़गा इसका असर?

सख्त नियमों का पालन 

संस्था को सरकार के सभी नियमों का पालन ध्यान से करना होता है. संस्था को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होता है. इस फैसले से बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के बढ़ावा मिल सकेगा. यह संस्था दान के जरिए शिक्षा, सेवा और अन्य योजनाओं काम करेगी.

petrol diesel price: कच्चे तेल में गिरावट का असर, कई शहरों में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें ताजा रेट

Advertisement