Home > देश > रेहान-अवीवा के साथ माता खीर भवानी पहुंचेंगी प्रियंका, क्यों कश्मीरी पंडितों के लिए सबसे पवित्र स्थल है यह मंदिर

रेहान-अवीवा के साथ माता खीर भवानी पहुंचेंगी प्रियंका, क्यों कश्मीरी पंडितों के लिए सबसे पवित्र स्थल है यह मंदिर

Raihan Vadra Aviva Baig: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी अपने बेटे रेहान वाड्रा और उनकी मंगेतर अवीवा वाड्रा के साथ जम्मू-कश्मीर के मशहूर माता खीर भवानी मंदिर जाने का प्लान बना रही है. इस फैमिली विजिट को अपने कश्मीरी जड़ों से जुड़ने...

By: Mohammad Nematullah | Published: January 5, 2026 10:24:14 PM IST



Raihan Vadra Aviva Baig: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी अपने बेटे रेहान वाड्रा और उनकी मंगेतर अवीवा वाड्रा के साथ जम्मू-कश्मीर के मशहूर माता खीर भवानी मंदिर जाने का प्लान बना रही है. इस फैमिली विजिट को अपने कश्मीरी जड़ों से जुड़ने और नई शुरुआत के लिए आशीर्वाद लेने के तरीके के तौर पर देखा जा रहा है. माता खीर भवानी कश्मीरी पंडितों की कुलदेवी और गांधी परिवार की आराध्य देवी है. जिन्हें कश्मीरी पंडित समुदाय की संरक्षक देवी माना जाता है. कश्मीरी विरासत के कारण गांधी-नेहरू परिवार का इस मंदिर से गहरा रिश्ता है. पहले प्रियंका को कल (मंगलवार) मंदिर जाना था, लेकिन यह दौरा टाल दिया गया है.

यह बताना जरूरी है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और राहुल गांधी के भतीजे रेहान वाड्रा ने अपनी बचपन की दोस्त और लंबे समय की गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से सगाई कर ली है. रेहान ने अवीवा से अपनी सगाई को ऑफिशियल कर दिया है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अवीवा के साथ एक फोटो शेयर की है. जिसमें उन्हें टैग किया है और कैप्शन में एक दिल वाला इमोजी और एक अंगूठी वाला इमोजी शामिल था. इसके बाद सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है.

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रेहान और अवीवा बचपन के दोस्त हैं. अवीवा की मां नंदिता बेग, प्रियंका वाड्रा की दोस्त है. रेहान और अवीवा की बचपन की तस्वीरें भी सामने आई है.

खीर भवानी… इस मंदिर का रामायण काल ​​से संबंध

कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुल्ला गांव में स्थित माता खीर भवानी मंदिर सिर्फ एक तीर्थ स्थल नहीं है, बल्कि कश्मीरी पंडितों की सभ्यता और अटूट आस्था का जीता-जागता प्रतीक है. देवी दुर्गा के अवतार माता रागन्या को समर्पित इस मंदिर का नाम ‘खीर भवानी’ इसलिए पड़ा क्योंकि यहां खास ‘खीर’ का भोग लगाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लंका के राजा रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर देवी वहां निवास करती थीं. हालांकि उनके बढ़ते अहंकार और अत्याचारों से नाराज़ होकर, देवी ने हनुमान को कश्मीर में इस पवित्र स्थान पर अपनी पवित्र शिला स्थापित करने का निर्देश दिया है. यही वजह है कि इस मंदिर का संबंध रामायण काल ​​से माना जाता है. जब प्रियंका ने विधानसभा चुनावों के दौरान माता खीर भवानी के बारे में अपनी दादी की कहानी सुनाई है.

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यह ध्यान देने वाली बात है कि 2024 के जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने माता खीर भवानी से जुड़ी एक कहानी सुनाई. एक रैली में प्रियंका ने इंदिरा गांधी और इस मंदिर से उनके जुड़ाव के बारे में एक कहानी शेयर की है.  प्रियंका ने कहा, “मेरी दादी इंदिरा जी की हत्या से चार-पांच दिन पहले, हम घर पर बैठे थे. मैं 12 साल की थी, और राहुल 14 साल के थे. अचानक मेरी दादी ने कहा कि उन्हें कश्मीर जाने का मन कर रहा है. वह पतझड़ में चिनार के पेड़ों के पत्ते गिरते हुए देखना चाहती थी. हम दोनों बच्चे थे और यह सुनकर बहुत खुश हुए कि हम अपनी दादी के साथ जाएंगे.”

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प्रियंका ने रैली में आगे बताया है कि “उसके बाद मेरी दादी हमें कश्मीर ले गईं. पहली बार वह मुझे खीर भवानी मंदिर दर्शन के लिए ले गई है. फिर हम दिल्ली लौट आए और 3-4 दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई और वह शहीद हो गईं. तब से जब भी मैं श्रीनगर जाती हूं, मैं हमेशा खीर भवानी मंदिर जाती हूं और अपनी दादी को याद करती हूं.”

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