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निर्भया के चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ाने वाले जल्लाद पवन ने किया कौन सा खुलासा?

Meerut Pawan Jallad: दिल्ली में 2012 में घटित हुई निर्भया रेप केस में चारों दोषियों को फांसी की सजा देने वाले पवन जल्लाद ने कहा है कि फांसी दोषियों में डर और दहशत पैदा करती है.

Published by Sohail Rahman

Nirbhaya Rape Case Pawan Jallad: देश के जाने-माने जल्लाद पवन जल्लाद ने सुप्रीम कोर्ट में मृत्युदंड के विकल्प की मांग वाली एक याचिका पर अहम बयान दिया है. पवन ने कहा कि फांसी दोषियों में डर और दहशत पैदा करती है, उनकी रूह कांप जाती है. जानलेवा इंजेक्शन में वह डर कहाँ है? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी का सम्मान किया और कहा कि फांसी ही सबसे उपयुक्त और पारंपरिक तरीका है. दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में मृत्युदंड के तरीके में बदलाव की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई थी. हालांकि केंद्र सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है. अदालत ने सरकार के इस फैसले पर नाखुशी जताते हुए कहा कि सरकार को समय के साथ बदलाव करना चाहिए. इससे इस मुद्दे पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है.

पवन जल्लाद ने क्या कहा?

इस बहस के बारे में निर्भया मामले में चार दोषियों को फांसी देने वाले देश के गिने-चुने जल्लादों में से एक पवन जल्लाद ने कहा कि फांसी सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि इससे दोषी धीरे-धीरे मरता है और समाज को एक कड़ा संदेश जाता है. इंजेक्शन से न तो दर्द होता है और न ही डर. पवन का कहना है कि फांसी एक पारंपरिक तरीका है और इससे अपराधियों में डर पैदा होता है. उन्होंने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से फांसी देने का काम करता आया है वह खुद अपने दादा के साथ फांसी देने जाते थे.

पवन ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि 20 मार्च, 2020 को मैंने निर्भया मामले के चारों दोषियों को फांसी दी थी. उसके बाद से देश में कोई फांसी नहीं हुई. हालांकि सजा जरूर दी गई है.

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मानदेय बढ़ाने की अपील की

पवन समय-समय पर मेरठ जिला कारागार में हाजिरी लगाते रहते हैं और नए फांसी आदेश का इंतजार करते हैं करते हैं. उन्होंने बताया कि फांसी दिए जाने के लगभग 15 मिनट बाद ही मुजरिम की मौत हो जाती है, लेकिन आधिकारिक घोषणा 30 मिनट में की जाती है. अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए पवन ने बताया कि उन्हें मेरठ जिला जेल से केवल ₹10,000 मानदेय मिलता है, जबकि यह ₹25,000 होना चाहिए.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपना मानदेय बढ़ाने की अपील की है. बातचीत के दौरान पवन जल्लाद ने मशहूर गाने की लाइन ‘मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया…’ भी गुनगुनाई और कहा कि वह अपने काम के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

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