Gold price today 16 april 2026: भारत में आज यानी 16 अप्रैल 2026 को सोने की कीमतों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के सर्राफा बाजारों में सुबह से ही निवेशकों और खरीदारों की नजर 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव पर टिकी हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे संकेतों और घरेलू मांग के चलते कीमतों में यह बदलाव दर्ज किया गया है.
ग्लोबल मार्केट का असर साफ दिखा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के इंट्राडे फ्यूचर्स में लगातार बढ़त देखने को मिली. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की आशंकाएं और करेंसी मार्केट में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है.
शादी सीजन से बढ़ी डिमांड
देश में चल रहे शादी के सीजन का असर भी सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. ज्वेलरी की बढ़ती मांग के चलते सर्राफा बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है. खासतौर पर चेन्नई में गहनों की भारी डिमांड के कारण यहां सोने की कीमतें देश में सबसे ज्यादा बनी हुई हैं. दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है, जिससे रिटेल प्राइस पर दबाव बना हुआ है.
आज के ताजा सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
| शहर | 22 कैरेट (₹) | 24 कैरेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 67,550 | 73,690 |
| मुंबई | 67,400 | 73,540 |
| चेन्नई | 68,150 | 74,340 |
स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन लागत और डिमांड के आधार पर अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है.
डॉलर-रुपया और आयात लागत का कनेक्शन
भारतीय बाजार में सोने की कीमतें डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर काफी हद तक निर्भर करती हैं. जब रुपया कमजोर होता है तो आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू कीमतें बढ़ जाती हैं. निवेशक इस समय खास तौर पर डॉलर-रुपया विनिमय दर पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यही सोने की फाइनल लैंडिंग कॉस्ट तय करता है.
दुबई मार्केट से भी मिल रहा सपोर्ट
भारतीय सर्राफा बाजार पर दुबई के गोल्ड मार्केट का भी असर देखने को मिलता है. आज दुबई में सोने के दाम प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे भारतीय बाजार को मजबूती मिली है. अक्सर विदेश यात्रा करने वाले खरीदार भारत और दुबई के रेट की तुलना करते हैं और उसी आधार पर खरीदारी का निर्णय लेते हैं. इस समय दोनों बाजारों के बीच अंतर कम होने से बड़े खरीदार भी सक्रिय नजर आ रहे है. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए और MCX के ट्रेंड के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए. खासकर शाम के सत्र में विदेशी बाजारों से आने वाले नए आंकड़ों के बाद कीमतों में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में सही समय पर एंट्री करना ही निवेश के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है.

