Bihar politics news: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में सनसनी फैलाने वाले बयान से तेजस्वी यादव ने फिर से सभी का ध्यान खींच लिया है. राजद नेता ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार को निशाना बनाते हुए उसी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका नाम पहले सिर्फ उनके खिलाफ सुनाई देता था – ‘जंगलराज’. तेजस्वी ने बिहार अधिकार यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह शब्द दो बार कहा और नीतीश सरकार पर लाठी-डंडों, सत्ता के दुरुपयोग और जनता के साथ असंवेदनशील व्यवहार का आरोप लगाया.
मालूम हो की भाजपा, जदयू (एनडीए में रहते हुए) और एनडीए के अन्य सहयोगी दल बिहार में लालू यादव-राबड़ी देवी के शासन को ‘जंगलराज’ कहकर निशाना साधते रहे हैं, वहीं मंगलवार को तेजस्वी ने भी नीतीश के नेतृत्व वाले एनडीए के शासन के लिए इसी शब्द का इस्तेमाल किया। एएनआई से बात करते हुए उनके मुंह से यह शब्द दो बार निकला। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए बिहार सरकार के एक मंत्री द्वारा पत्रकार के साथ बदसलूकी की घटना का जिक्र करते हुए नीतीश सरकार को घेरा.
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
बिहार अधिकार यात्रा पर निकले तेजस्वी ने एएनआई से बातचीत में कहा कि यह सरकार लाठी-डंडों की सरकार है. जनता कह रही है- ‘2025! बहुत हो गया नीतीश का दौर. जनता अब बदलाव चाहती है और यह बदलाव ज़रूर होगा. जिस तरह एक मंत्री एक पत्रकार पर हाथ उठाता है, गाली देता है, उसके कपड़े फाड़ता है, उसका कैमरा छीनने की कोशिश करता है, उसे ज़बरदस्ती गाड़ी में डालकर पीटता है, उसे ले जाने की कोशिश करता है, क्या यह जंगलराज नहीं है? और हमारे ख़िलाफ़ झूठी एफ़आईआर दर्ज करवा देता है. वह मंत्री कहाँ है, कहाँ छिपा है? यह तानाशाह, भाजपा का गुंडा मंत्री, बिहार की जनता उसे जान गई है. बदलाव ज़रूर होगा
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए. उनसे पूछा गया कि अगर नीतीश फिर से राजद में शामिल होना चाहें तो क्या होगा? तेजस्वी ने कहा, ‘नीतीश कुमार ने हाल ही में एनडीए में बने रहने की बात कही है, लेकिन यही नीतीश पहले ही महागठबंधन के साथ संयुक्त रैली कर चुके हैं… उन्होंने उसी पूर्णिया में हमारे साथ रैली की थी और उस समय भी वही बातें कह रहे थे जो कल कह रहे थे.’
फिर से साथ आने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अब उन्हें भारत गठबंधन में कौन शामिल कर रहा है? दरअसल, भाजपा वाले खुद उन्हें भगाना चाहते हैं। यह उनकी मजबूरी है, इसीलिए वे उन्हें अपने साथ रखे हुए हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वह बूढ़े हो गए हैं, बूढ़े हो गए हैं, इसलिए हम उनका सम्मान करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि वह बिहार को संभालने की स्थिति में नहीं हैं.’