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Bihar News: अब किसानी भी होगी डिजिटल! बिहार में खुला देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय

Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय बनाया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद शुरू हुई इस पहल को राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक और वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

By: Shivani Singh | Published: August 16, 2025 9:25:20 PM IST



Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय बनाया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद शुरू हुई इस पहल को राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक और वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कृषि रोडमैप के तहत बनाए गए इस निदेशालय का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का तत्काल लाभ पहुँचाना, मौसम और फसलवार आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता का पूर्वानुमान लगाना तथा एक एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है।

हर मौसम में फसल संबंधी सटीक आँकड़े एकत्रित किए जा सकेंगे

डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से हर मौसम में फसल संबंधी सटीक आँकड़े एकत्रित किए जा सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और संसाधनों का वितरण और अधिक प्रभावी हो सकेगा। इसके साथ ही, यह निदेशालय आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के तहत किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुँचाएगा। वर्ष 2018 से राज्य सरकार डीबीटी प्रणाली के माध्यम से किसानों को अनुदान और डीजल सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में भेज रही है। वर्तमान में, इस पोर्टल पर 2 करोड़ से अधिक रैयत और गैर-रैयत किसान पंजीकृत हैं, जो देश का सबसे बड़ा डिजिटल किसान पंजीकरण है।

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ड्रोन तकनीक और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएँ करेगा प्रदान

डिजिटल कृषि निदेशालय किसानों को डिजिटल मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल आकलन हेतु डिजिटल सामान्य फसल आकलन सर्वेक्षण, पौध संरक्षण में ड्रोन तकनीक और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएँ प्रदान करेगा। इसके अलावा, किसानों और कृषि अधिकारियों की सुविधा के लिए मोबाइल ऐप और ई-गवर्नेंस उपकरण भी विकसित किए जाएँगे।

सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार को कृषि डिजिटलीकरण में अग्रणी बनाएगी और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल कृषि निदेशालय का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसानों को मौसम संबंधी सलाह, बाज़ार की जानकारी और आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी। सरकार को विश्वास है कि यह कदम बिहार को तकनीकी रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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