Khamenei Death Video: ईरान इजराइल में चल रही जंग के बीच दुनियाभर में तनाव की स्थति बनी हुई है. वहीं जहां ईरान पर हमले हुए तो इजराइल पर भी ईरान ने खूब मिसाइलें दागी. अयातुल्ला की मौत के बाद ईरान बदले की आग में जल रहा है. वहीं ईरान ने अब दावा किया है कि उसने इज़राइली PM बेंजामिन नेतन्याहू को निशाना बनाया है. लेकिन, सवाल बना हुआ है कि इज़राइल ने तेल अवीव से एक ही झटके में तेहरान की पूरी लीडरशिप को कैसे खत्म कर दिया? जासूसी कैसे हुई? चलिए इस बात का जवाब जान लेते हैं.
कैसे बैठा सटीक निशाना
आपकी जानकारी के लिए बता दें इजराइल की जासूसी इतनी खतरनाक थी कि ईरान की लीडरशिप को संभलने का मौका भी नहीं मिला.पलक झपकते ही सब कुछ तबाह हो गया. वहीं अब हमले का एक ड्रोन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे, इज़राइल और US ने मिलकर पूरे कैंपस को तबाह और बर्बाद कर दिया. एक सवाल ये भी उठ रहा है कि उन्हें इतना सटीक निशाना कैसे मिला? क्या इज़राइली एजेंट ईरान में ही मौजूद थे? हाल ही में इस बात की जानकारी मिली कि मोसाद के एजेंट ईरान की सिक्योरिटी के सबसे ऊंचे लेवल पर भी मौजूद थे. अब, एक रिपोर्ट से इस बात की जानकारी मिली कि इज़राइल सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हर एक्टिविटी पर नज़र रख रहा था. नेतन्याहू की टीम ने तेल अवीव से तेहरान के हर ट्रैफिक कैमरे को हैक कर लिया था. इसके अलावा, इज़राइली टीम मोबाइल फ़ोन नेटवर्क पर भी नज़र रख रही थी.
‼️WATCH: For the first time since the start of Operation ‘Roaring Lion’, the IAF is striking targets belonging to the Iranian terror regime in the heart of Tehran.
Over the past day, the IAF conducted large-scale strikes to establish aerial superiority and pave the path to… pic.twitter.com/DN2MkGCfWc
— Israel Defense Forces (@IDF) March 1, 2026
खमेनेई पर थी पहले से नजर
जानकारी के मुताबिक फाइनेंशियल टाइम्स ने कई मौजूदा और पुराने इज़राइली इंटेलिजेंस अधिकारियों और ऑपरेशन से जुड़े लोगों के हवाले से बताया कि इज़राइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या से पहले उनकी मूवमेंट और सिक्योरिटी डिटेल्स पर नज़र रखने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरे हैक कर लिए थे, और मोबाइल फोन नेटवर्क में सेंध लगाई गई थी, और यह ऑपरेशन कई सालों से चल रहा था.