Harsh Goenka Mumbai Metro: बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने हाल ही में मुंबई मेट्रो की लाइन 3 जिसे एक्वा लाइन भी कहते है. पहली बार सफर किया है. उन्होंने प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे इस अनुभव से सच में बहुत खुश और हैरान थे. स्टेशन साफ था ट्रेन टाइम पर आई और बहुत कम भीड़ थी. सफर के दौरान वे अपने ऑफ़िस के साथियों से भी मिले है. जिससे यह सफर और भी खास हो गया है.
गोयनका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पेरिस, लंदन और न्यूयॉर्क में मेट्रो में सफ़र किया है, लेकिन उन्हें मुंबई मेट्रो लाइन 3 का अनुभव सबसे अच्छा लगा है. उन्होंने सोचा कि अगर हम वर्ल्ड-क्लास मेट्रो बना और मेंटेन कर सकते हैं, तो सड़कें उसी स्टैंडर्ड की क्यों नहीं हो सकतीं? उनके इस सवाल ने कुछ सोचने पर मजबूर किया है.
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क्या इंटरनेट ने भी इसका सपोर्ट किया?
जैसे ही उनकी पोस्ट वायरल हुई है. कई यात्रियों ने अपने अनुभव शेयर किया है. एक यूजर ने लिखा कि मेट्रो साफ, समय की पाबंद और भीड़-भाड़ से मुक्त है, लेकिन सड़कें अभी भी परेशानी वाली है. किसी ने सुझाव दिया कि मुंबई लोकल ट्रेनों की जगह AC वाली मेट्रो चलाया जाएं. एक और यात्री ने वर्ली से विले पार्ले तक के सफर को आरामदायक बताया और स्टाफ की तारीफ की है.
Yesterday, for the first time, I travelled on the Mumbai Metro. I must confess, I was pleasantly surprised. The station was spotless. The train arrived exactly on time. It was efficient, organized, and remarkably uncrowded. And bumping into my office colleagues was a special… pic.twitter.com/YtMFHk8C1f
— Harsh Goenka (@hvgoenka) February 28, 2026
क्या रोज़ाना सफर करने से किसी का माइंडसेट बदल सकता है?
कुछ लोगों ने मज़ाक में कहा कि अगर कोई रोज़ाना मेट्रो लेता है, तो उसे अपने ऑफिस के कई कलीग वहां मिलेंगे. एक यूजर ने लिखा कि जब पब्लिक ट्रांसपोर्ट इतना आसान होता है, तो शहर का एक्सपीरियंस बदल जाता है. इससे एहसास होता है कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर किसी के माइंडसेट का हिस्सा होना चाहिए, न कि लग्ज़री है. हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मेट्रो तक पहुंचना एक चैलेंज बना हुआ है.
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एक्वा लाइन की क्या खासियत है?
मुंबई मेट्रो लाइन 3 एक 33.5 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर है. यह नॉर्थ मुंबई में आरे JVLR को साउथ मुंबई में कफ परेड से जोड़ता है. इसमें 26 अंडरग्राउंड स्टेशन है. बड़े स्टेशनों में SEEPZ, एयरपोर्ट टर्मिनल 1 और 2, BKC, वर्ली, मुंबई सेंट्रल, चर्चगेट और कफ परेड शामिल है. एक छोर से दूसरे छोर तक का सफर लगभग 55 से 60 मिनट का होता है, और पीक आवर्स में हर पांच मिनट में ट्रेनें चलती है. सर्विस सुबह 6:00 बजे से रात 10:30 बजे तक चलती है.