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सुनेत्रा पवार से पहले महाराष्ट्र में अब तक किन-किन नेताओं ने ली उप मुख्यमंत्री की शपथ? यहां देखें लिस्ट

Maharashtra Deputy CM: NCP प्रमुख और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई उप मुख्यमंत्री बन गई है. शपथ लेने से सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दी थी.

By: Mohammad Nematullah | Published: January 31, 2026 6:48:44 PM IST



Maharashtra Deputy CM: NCP प्रमुख और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई उप मुख्यमंत्री बन गई है. शपथ लेने से सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दी थी. 

महाराष्ट्र में पहली बार Deputy CM कब बना?

कई राज्यों में उप मुख्यमंत्री नियुक्त किए गए हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब यह पद नहीं था, तो उनकी ड्यूटी कौन करता था? हम उप मुख्यमंत्रीकी भूमिका और देश के अलग-अलग राज्यों में अभी काम कर रहे डिप्टी चीफ मिनिस्टर्स की संख्या के बारे में बात करेंगे.

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जब उप मुख्यमंत्री की संख्या की बात आती है, तो आंध्र प्रदेश पांच के साथ लिस्ट में सबसे ऊपर है. इसके बाद उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मेघालय और नागालैंड हैं, जिनमें से हर एक में दो-दो उप मुख्यमंत्री है. कुल मिलाकर, भारत के 14 राज्यों में 26 उप मुख्यमंत्री है.

महाराष्ट्र में अब तक कुल 10 बार अलग-अलग उप मुख्यमंत्री पद संभाला है. जिसमें कई बार कुछ नेताओं ने यह पद संभाला है. 

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम- पूरी सूची

  • रामराव आदिक: 1982–1983
  • गोपीनाथ मुंडे: 1995–1999
  • छगन भुजबल: 1999–2003
  • आर. आर. पाटिल: 2004–2008
  • अजित पवार: पहली बार 2010 में
  • अजित पवार: नवंबर 2019 
  • देवेन्द्र फडणवीस:  2022–2024
  • अजित पवार: 2023–2024
  • एकनाथ शिंदे: दिसंबर 2024 से
  • सुनेत्रा पवार: आज से 

उप मुख्यमंत्री की कितनी पावर?

एक उप मुख्यमंत्री की शक्तियां किसी भी राज्य में कैबिनेट मंत्री के बराबर होती है. एक उप मुख्यमंत्री अपने चार्ज वाले विभागों से जुड़े सभी फैसले ले सकता है. एक उप मुख्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री के बराबर ही सैलरी, भत्ते और सुविधाएं मिलती है. 

उप मुख्यमंत्री के पास आमतौर पर मुख्यमंत्री की तुलना में छोटे पोर्टफोलियो होते हैं, और उनका असली प्रभाव उन्हें सौंपे गए विभागों पर निर्भर करता है.

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उप मुख्यमंत्री के पास कोई खास वित्तीय शक्तियां नहीं होती है. उनकी वित्तीय शक्तियां दूसरे कैबिनेट मंत्रियों के समान ही होती है. अपने पोर्टफोलियो के लिए भी उप मुख्यमंत्री को तय बजट से ज़्यादा खर्च के लिए मुख्यमंत्री की मंज़ूरी की ज़रूरत होती है. उप मुख्यमंत्री के पास मुख्यमंत्री के लिए तय फाइलों की समीक्षा करने का अधिकार नहीं होता है, और उप मुख्यमंत्री को सौंपे गए विभाग उनके जरिए मुख्यमंत्री तक जाता है.

उप मुख्यमंत्री का पद एक राजनीतिक पद है, और एक मुख्यमंत्री कितने भी उप मुख्यमंत्री नियुक्त कर सकता है, इसकी कोई सीमा नहीं है. उप मुख्यमंत्री की संख्या सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी तय करती है.

स्वतंत्र भारत के पहले उपमुख्यमंत्री?

स्वतंत्र भारत (बिहार राज्य) के पहले उपमुख्यमंत्री अनुग्रह नारायण सिन्हा थे. उन्होंने 2 अप्रैल 1946 से जुलाई 1957 तक बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. वे बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के बाद कांग्रेस के सबसे महत्वपूर्ण नेता थे और उन्हें ‘बिहार विभूति’ के नाम से भी जाना जाता है.

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