Trump Threatened Khamenei: वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी ऑपरेशन में उठाए जाने की खबर के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल मची हुई थी. इसी बीच अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर अमेरिका की नई और सख्त धमकी ने हालात और ज्यादा गंभीर बना दिए हैं. इस बयान के बाद अमेरिका-ईरान रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस बयान की चर्चा तेज हो गई है और कई देश इसे बेहद खतरनाक बयानबाज़ी मान रहे हैं. जानकारों का कहना है कि ऐसे बयानों से मध्य-पूर्व में पहले से मौजूद अस्थिरता और गहरी हो सकती है.
लिंडसे ग्राहम का विवादित बयान
रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 7 जनवरी 2026 को फॉक्स न्यूज के ‘हैनिटी’ शो में अयातुल्ला खामेनेई को सीधे धमकी दी. उन्होंने कहा, “अगर तुम अपने लोगों को बेहतर जीवन की मांग पर मारते रहे, तो डोनाल्ड ट्रंप तुम्हें मार देंगे.” इसके बाद ग्राहम ने और भी तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “अयातुल्ला और उसके गुंडों, अगर तुम ट्रंप की चेतावनी को चुनौती देते रहे, तो तुम सुबह मरे हुए पाए जाओगे.” ग्राहम ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए कहा, “हम आपके साथ हैं, मदद आ रही है. ट्रंप ओबामा नहीं हैं.” उन्होंने खामेनेई को ‘रिलिजियस नाजी’ कहा और वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए ईरान को चेतावनी दी. इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में भी बहस छिड़ गई है कि क्या ऐसे शब्द किसी बड़े टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं.
ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण
ईरान में जनवरी 2026 की शुरुआत से ही हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. देश की मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है. महंगाई 40 से 50 प्रतिशत तक बताई जा रही है और बिजली-पानी की भारी किल्लत है. तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुआ विरोध अब पूरे देश में फैल चुका है. सड़कों पर लोग ‘डेथ टू खामेनेई’ और ‘डेथ टू डिक्टेटर’ के नारे लगा रहे हैं. हालात काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने गोली चलाई और टीयर गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शन रुक नहीं रहे. ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स के मुताबिक अब तक 36 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.