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बांग्लादेश में 7 महीने में 116 अल्पसंख्यकों की हुई मौत, मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Bangladeshi Hindus: बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में हिंदुओं खासकर अल्पसंख्यकों की मौतें हो रही है. इसको लेकर ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज ने एक रिपोर्ट जारी की है.

By: Sohail Rahman | Last Updated: January 13, 2026 5:03:23 PM IST



Bangladeshi Hindus: ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) ने देश भर में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों पर प्रकाश डाला और सात महीने की अवधि में 100 से ज्यादा मौतों का दस्तावेजीकरण किया. अधिकार संगठन ने आरोप लगाया कि हिंसा अलग-थलग घटनाओं के बजाय अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के देशव्यापी पैटर्न को दर्शाती है.

HRCBM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “6 जून, 2025 से 5 जनवरी, 2026 के बीच की अवधि के दौरान बांग्लादेश के सभी 8 डिवीजनों और 45 जिलों में 116 अल्पसंख्यकों की मौतें दर्ज की गईं, जिनमें लिंचिंग, हत्या और संदिग्ध मौतें शामिल हैं. यह कोई अलग-थलग हिंसा नहीं है. यह लक्षित अत्याचारों का एक देशव्यापी पैटर्न है.”

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने जताई चिंता ( Bangladesh Hindu Buddhist Christian Unity Council has expressed concern)

इससे पहले मंगलवार को धार्मिक भेदभाव के खिलाफ एक मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने बांग्लादेश भर में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की. मानवाधिकार संगठन ने कहा कि जैसे-जैसे बांग्लादेश में फरवरी के राष्ट्रीय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक दर से बढ़ रही है.

पिछले साल बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर प्रकाश डालते हुए परिषद ने एक बयान में कहा, “अकेले दिसंबर महीने में, कम से कम 51 हिंसा की घटनाएं हुईं. इनमें 10 हत्याएं, चोरी और डकैती की 10 घटनाएं, घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मंदिरों और भूमि से जुड़े कब्जे, लूट और आगजनी के 23 मामले, धार्मिक ईशनिंदा और RAW के एजेंट होने के झूठे आरोपों पर हिरासत और यातना के 4 मामले, 1 बलात्कार का प्रयास, और शारीरिक हमले की 3 घटनाएं शामिल हैं.

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परिषद ने किया चौंकाने हुआ खुलासा (council made a shocking revelation)

अधिकार संगठन ने विस्तार से बताया कि परिषद ने खुलासा किया कि हिंसा का यह चलन, खासकर हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ, जनवरी के पहले सप्ताह में भी जारी रहा. 2 जनवरी को रामगति लक्ष्मीपुर में सत्यनारायण दास की 96 डेसिमल ज़मीन पर धान की फसल में आग लगा दी गई. इसके अलावा, जानकारी सामने आ रही है कि 3 जनवरी को व्यवसायी खोकन चंद्र दास की शरियतपुर में बेरहमी से हत्या कर दी गई, उन्हें काटकर आग लगा दी गई. उसी सुबह चटोग्राम के बोआलखली उपजिला के अमुचिया यूनियन के वार्ड नंबर 4 में मिलन दास के घर में डकैती हुई, जहां परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बना लिया गया.

परिषद ने आगे क्या कहा? (What else did the council say?)

इसमें आगे कहा गया कि 4 जनवरी को शुभो पोद्दार नाम के एक सोने के व्यापारी को बांध दिया गया और उसकी दुकान से लगभग 30 भरी (लगभग 350 ग्राम) सोने के गहने लूट लिए गए. उसी दिन झेनैदाह के कलिगंज में एक 40 साल की हिंदू विधवा महिला का रेप किया गया, उसे एक पेड़ से बांध दिया गया, उसके बाल काट दिए गए और उसे बहुत ज्यादा टॉर्चर किया गया. सांप्रदायिक हिंसा में बढ़ोतरी की निंदा करते हुए मानवाधिकार संगठन ने कहा कि पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय भविष्य को लेकर डर और अनिश्चितता में जी रहे हैं.

बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है, जिससे लोगों और दुनिया भर के कई मानवाधिकार संगठनों में गुस्सा है. 

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