Tata Altroz vs Volkswagen Polo: टाटा अल्ट्रोज और फॉक्सवैगन पोलो लंबे समय से हैचबैक कैटेगरी में भारतीय खरीदार बहुत पसंदीद करती है. लेकिन समय के साथ उनकी अब बदल गई है.
Safety: सेफ्टी
टाटा अल्ट्रोज ने ग्लोबल NCAP टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है. जिससे यह इस कैटेगरी की सबसे सुरक्षित कारों में से एक बन गई है. इसके कंट्रोल, एयरबैग और स्ट्रक्चरल अपग्रेड इसे एक भरोसेमंद फैमिली गाड़ी बनाता है. दूसरी ओर, फॉक्सवैगन पोलो को 4-स्टार रेटिंग मिली है. हालांकि यह सुरक्षित है, लेकिन यह अल्ट्रोज से थोड़ा पीछे है.
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Performance: परफॉर्मेंस
फॉक्सवैगन पोलो का 1.0L TSI टर्बो-पेट्रोल इंजन ड्राइविंग एक्सपीरियंस को मज़ेदार बनाता है. यह फुर्तीला और ज़्यादा रिस्पॉन्सिव है. टाटा अल्ट्रोज का टर्बो-पेट्रोल इंजन भी अच्छा है, लेकिन पोलो जितना शार्प और मज़ेदार नहीं लगता है.
Feature space: फीचर्स और स्पेस
टाटा अल्ट्रोज अपने मॉडर्न फीचर्स के लिए जानी जाती है. इसमें बड़ा टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बेहतर रियर सीट स्पेस और आरामदायक फीचर्स मिलते है. पोलो के फीचर्स थोड़े पुराने लगने लगे हैं, और पीछे की सीट की जगह अल्ट्रोज जितनी अच्छी नहीं है.
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Value for Money: वैल्यू फॉर मनी
अभी, टाटा अल्ट्रोज अपनी कीमत, फीचर्स, सेफ्टी और कम मेंटेनेंस की वजह से बेहतर वैल्यू फॉर मनी देती है. दूसरी ओर, पोलो अब नए रूप में उपलब्ध नहीं है, जिससे यह अपनी कीमत और फीचर्स के हिसाब से कम आकर्षक है.
अगर सेफ्टी मॉडर्न फीचर्स और पीछे की तरफ बेहतरीन स्पेस आपकी प्राथमिकताएं हैं, तो टाटा अल्ट्रोज एक बेहतर ऑप्शन है. हालांकि अगर आप एक तेज और मज़ेदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस चाहते है, तो पोलो का 1.0L TSI इंजन आपके दिमाग में आता है, लेकिन यह ऑप्शन अब नई खरीद के लिए उपलब्ध नहीं है. इसलिए टाटा अल्ट्रोज आज भारतीय ग्राहकों के लिए ज़्यादा सही और वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन है.