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Know Your Tradition: शादी में सोना पहनना क्यों माना जाता है शुभ, जानें क्या कहते हैं शास्त्र

Know Your Tradition: हिंदू विवाह में शादी के समय दुल्हन को सोने के जेवर पहनाएं जाते हैं. सोना सौभाग्य लाता है, इसीलिए जब हम सोना खरीदता जाता है उसको खरीदने के लिए शुभ दिन और शुभ योग जरूर देखा जाता है. जानते हैं हिंदू धर्म में शादी में सोना पहनना कितना जरूरी है और क्यों इसे शुभ माना जाता है.

By: Tavishi Kalra | Published: January 30, 2026 2:44:01 PM IST



Know Your Traditions: हिंदू धर्म में विवाह के समय दुल्हन को सोना पहनना बहुत शुभ माना जाता है.  सोना धन, समृद्धि, विलासिता का प्रतीक है. सोना अपनी चमक के लिए जाना जाता है.

ज्योतिष शास्त्र में सोना मुख्य रूप से बृहस्पति (गुरु) ग्रह का प्रतीक माना जाता है. गुरु ग्रह को ज्ञान, भाग्य, समृद्धि और सुख का कारक माना जाता है. इसलिए जो लोग सोना पहनते हैं वह अपने गुरु ग्रह को मजबूत करते हैं. साथ ही सोने का संबंध ग्रहों के देवता सूर्य से भी है. सूर्य देव को ऊर्जा, शक्ति और आत्मा का प्रतिक माना जाता है.

दुल्हन को क्यों पहनाते हैं सोना?

हिंदू धर्म में विवाह के समय दुल्हन को सोना पहनाया जाता है. शादी के समय सोना पहनने से भाग्य में वृद्धि होती है और धन लाभ भी होता है. साथ ही जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है.

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देवी लक्ष्मी का प्रतीक

सोना धन और ऐश्वर्य का प्रतीक है. हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी या देवी लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है. इसीलिए शादी या विवाह के समय दुल्हन को घर की लक्ष्मी के रूप में माना जाता है और इसी कारण विवाह के दौरान महिलाओं का सोना पहनना शुभ होता है. इसी वजह से वधू को आभूषणों से सजाया जाता है.

आसमान छूते सोने के दाम

आज के समय में सोने के दाम आसमान छू रहे हैं. सोने बढ़ते दाम से हर आम आदमी या मिडल क्लास के  लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है. लेकिन विवाह में इसको पहनना शुभ माना गया है. जानते हैं वो कौन-सा विकल्प है जिसको विवाह में सोने की जगह धारण किया जा सकता है.

बढ़ते दामों के कारण जो लोग विवाह में सोना नहीं पहन पा रहे या खरीद पा रहे हैं वो लोग चांदी, प्लैटिनम की ज्वैलरी पहन सकते हैं. यह दोनों ही किफायती विकल्प है. लेकिन चांदी के दाम में भी भारी उछाल आने की वजह से यह भी लोगों की पहुंच से बाहर जा रहा है.

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पंचधातु-

 इसके बदले आप पंचधातु जिसमें सोना, चांदी, तांबे धातुओं से बनी जूलरी पहन सकते हैं. हमारे शास्त्रों में पंचधातु के बार में लिखा है यह धातु उपचार और आध्यात्मिक गुणों से होती है.जिसमें अलग-अलग ग्रहों की ऊर्जाओं होती है.

तांबा-

अपनी शुद्धता के कारण, तांबे को पवित्र माना जाता है और इसीलिए पूजा के दौरान तांबे के बर्तनों का प्रयोग किया जाता है, जल रखने (कलश) को उपयोग में लाया जाता है.यह दोषों को संतुलित करता है.

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