Categories: देश

SI Rateesh Chanchal Pandey: ट्रांसफर आदेश को किया नजरअंदाज, मोहाना थाने में करी ज्वाइनिंग, जाने पूरा मामला…

SI Rateesh Chanchal Pandey: सिद्धार्थनगर पुलिस के ट्रांसफर सिस्टम पर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है, मामला SI रतीश चंचल पांडेय का है, जिन्होंने हाल के दिनों में ट्रांसफर आदेश को ठेंगा दिखाते हुए सीधे मोहाना थाने में ज्वाइन कर लिया जबकि उनका नाम उस थाने के लिए आदेश में था ही नहीं।

Published by

उमेर सिद्दीकी की रिपोर्ट, SI Rateesh Chanchal Pandey: सिद्धार्थनगर पुलिस के ट्रांसफर सिस्टम पर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है, मामला SI रतीश चंचल पांडेय का है, जिन्होंने हाल के दिनों में ट्रांसफर आदेश को ठेंगा दिखाते हुए सीधे मोहाना थाने में ज्वाइन कर लिया जबकि उनका नाम उस थाने के लिए आदेश में था ही नहीं।

नियमों के मुताबिक ज्वाइन नहीं की

जानकारी के मुताबिक, रतीश चंचल पांडेय का आधिकारिक तबादला सदर थाने से 19 अप्रैल को शोहरतगढ़ थाना किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद, सिद्धार्थनगर में उनका कार्यकाल पूरा होने पर 15 जून को बस्ती जिले के लिए तबादला कर दिया गया, लेकिन नियमों के मुताबिक जहां उन्हें ज्वाइन करना था, वहां जाने के बजाय वे सीधे मोहाना थाना पहुंच गए और कार्यभार संभाल लिया। यह घटना अब जिले भर में चर्चा का विषय बन चुकी है।

UP Crime News: कानपुर में 8वीं के छात्र की गला दबाकर हत्या, कार में खींचकर ले गए, कानपुर देहात में फेंका शव, ग्रामीणों में आक्रोश

Related Post

बिना विभागीय अनुमति किसी अन्य स्थान पर ज्वाइन करना अवैध

उत्तर प्रदेश पुलिस विनियमावली के अनुसार, किसी भी पुलिस अधिकारी को उसी स्थान पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य है, जिसका उल्लेख विभागीय आदेश में हो। ऑल इंडिया सर्विसेज (Conduct) Rules, 1968 के तहत, बिना विभागीय अनुमति किसी अन्य स्थान पर ज्वाइन करना अवैध ज्वाइनिंग और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, ऐसे मामलों में विभागीय जांच,आदेश रद्द करने, और यहां तक कि निलंबन तक की कार्रवाई का प्रावधान है।

ऑर्डर है, लेकिन मानना जरूरी नहीं

पुलिस महकमे में चर्चा है कि मोहाना थाने पर रतीश चंचल पांडेय की तैनाती किसी संयोग का नतीजा है। क्या एक उप निरीक्षक खुले आम ट्रांसफर आदेश की अनदेखी कर सकता है? अगर नियम तोड़ने पर कार्रवाई नहीं होती, तो पुलिस विभाग में अनुशासन कैसे कायम रहेगा? क्या इस मामले में एसपी सिद्धार्थनगर निष्पक्ष जांच करेंगे? गर इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला पूरे पुलिस विभाग के लिए गलत मिसाल बन जाएगा, फिर संदेश साफ होगा- ऑर्डर है, लेकिन मानना जरूरी नहीं, कानून व्यवस्था में विश्वास तभी बन सकता है, जब कानून सबके लिए बराबर हो चाहे वह आम आदमी हो या वर्दी में बैठा अधिकारी। अब देखना यह है कि एसपी सिद्धार्थनगर और उच्च अधिकारी इस पर क्या कदम उठाते हैं और क्या यह मामला कार्रवाई तक पहुंचेगा या फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।

Uttar Pradesh News: प्रदेश का सबसे बड़ा गैंगस्टर बनने का सपना, आरोपी ने सीने पर बड़े अक्षरों में  गुदवाया “गैंगस्टर यूपी”

Published by

Recent Posts

Jio Cheapest 5G Plan: जियो ने लॉन्च किया सबसे सस्ता प्लान, नोट करें प्राइस, बेनेफिट समेत अन्य डिटेल्स

Jio Cheapest 5G Plan with Netflix: जियो ने सबको चौंकाते हुए अपने उपभोक्ताओं के लिए…

January 20, 2026

Panchak 2026: आज रात से पंचक शुरू जानें कब तक रहेंगे पंचक, इन कामों से रहें दूर वरना हो सकता है नुकसान

Panchak 2026: हिंदू धर्म में पंचक को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. पंचक का नाम…

January 20, 2026