PM Modi: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी बहुत सारी ऊर्जा उनके (कांग्रेस के) गलतियों को सुधारने में खर्च हो रही है. उन्होंने कहा कि हम उस छवि को मिटाने का काम कर रहे हैं जो दुनिया में भारत की उनके समय से बनी हुई है. क्योंकि वे देश को उसी हालत में छोड़कर चले गए थे. पीएम मोदी ने कहा कि इसी वजह से हमने भविष्य के लिए तैयार नीतियों पर ज़ोर दिया है. उन्होंने कहा कि आज आप देख सकते हैं कि देश नीति के आधार पर चल रहा है. इसीलिए दुनिया भर में देश पर भरोसा बढ़ रहा है.
कांग्रेस की गलतियों की जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक किस्सा सुनाया जिसमें उन्होंने कहा कि हमारे देश के एक नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री हिमाचल प्रदेश के दौरे पर गए थे. फिर लौटने के बाद उन्होंने खुद इस घटना का ज़िक्र किया था. प्रधानमंत्री के मुताबिक उस कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें योजना आयोग के साथ लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा क्योंकि वे काफी समय तक पहाड़ी इलाकों के लिए अलग प्लान बनाने को तैयार नहीं थे. पीएम ने कहा कि उस कांग्रेस नेता ने तब कहा था कि पहाड़ी इलाकों में हमारे मजदूरों को खच्चरों की जरूरत है, जीप की नहीं है.
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किस्सा जारी रखते हुए पीएम मोदी ने क्या कहा?
किस्सा जारी रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योजना आयोग ने उस वरिष्ठ कांग्रेस नेता से कहा कि वे सिर्फ़ जीप के लिए पैसे देंगे, खच्चरों के लिए नही देंगे. उस समय वहां (हिमाचल प्रदेश में) सड़कें नहीं थी. पीएम मोदी ने कहा ‘यह इंदिरा गांधी का भाषण है. कांग्रेस के लंबे शासनकाल में यही कार्यशैली रही है. इंदिरा जी जानती थीं कि यह गलत काम हो रहा है, लेकिन उन्होंने इसे सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया था. जिस योजना आयोग की वह आलोचना कर रही थीं, उसकी स्थापना उनके अपने पिता ने की थी, और उसके गठन को दो दशक बीत चुके थे.’ उस आयोग को खत्म कर दिया गया था.
पीएम ने फिर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक हर कोई परेशान था. लेकिन कोई भी सुधार के लिए तैयार नही था. लेकिन जब हमने 2014 में देश की बागडोर संभाली, तो उन्होंने उस आयोग को खत्म कर दिया और नीति आयोग बनाया था. जो अब तेज़ी से काम कर रहा है. गौरतलब है कि जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना जवाब देना शुरू किया है. विपक्षी सदस्यों ने नारे लगाने शुरू कर दिया. इसके कुछ ही देर बाद कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने वॉकआउट कर दिया है.