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भारत में नहीं जन्म लिया इतना बड़ा हिंदू नेता! UP का वो मुख्यमंत्री जिसने भगवान राम के लिए छोड़ दी अपनी कुर्सी, कारनामे सुन उड़ जाएंगे होश

1991 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कल्याण सिंह को पिछड़े वर्ग का चेहरा बनाकर राजनीति में कदम रखा। कल्याण सिंह की छवि पिछड़े वर्ग के नेता के साथ-साथ एक फायरब्रांड हिंदू नेता के रूप में भी मज़बूत हुई।

Published by Divyanshi Singh

Kalyan Singh Death Anniversarty: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कल्याण सिंह की पुण्यतिथि बड़े पैमाने पर मना रही है। इस अवसर पर अलीगढ़ में गुरुवार को हिंदू शौर्य दिवस मनाया जाएगा। कल्याण सिंह को हमेशा रामभक्त के रूप में याद किया जाएगा। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कल्याण सिंह ने श्रीराम मंदिर के लिए मुख्य्मंत्री पद से स्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वह श्री राम के नाम पर ऐसी 100 कुर्सियां ​​भी त्याग सकते हैं।

फायरब्रांड हिंदू नेता

1991 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कल्याण सिंह को पिछड़े वर्ग का चेहरा बनाकर राजनीति में कदम रखा। कल्याण सिंह की छवि पिछड़े वर्ग के नेता के साथ-साथ एक फायरब्रांड हिंदू नेता के रूप में भी मज़बूत हुई। कल्याण सिंह दो बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे। वह यूपी में बीजेपी के पहले सीएम भी थे। पहली बार वह 24 जून 1991 से 6 दिसंबर 1992 तक और दूसरी बार 21 सितंबर 1997 से 12 नवंबर 1999 तक मुख्यमंत्री रहे। जब भी लोग उनसे मिलते और कोई सलाह मांगते, तो वह उनका मार्गदर्शन करते। वह हमेशा लोगों से कहते थे कि सफलता के लिए धैर्य बहुत ज़रूरी है।

सादगी और ईमानदारी

कल्याण सिंह को सब ‘बाबूजी’ कहकर बुलाते थे। उनकी सादगी और ईमानदारी से सभी प्रभावित थे। उन्हें उड़द की दाल (धुली उड़द) बहुत पसंद थी। जब भी वह अपनी ससुराल देवापुर (संभल) आते थे, उनके लिए उड़द की दाल खास तौर पर बनाई जाती थी। सरल स्वभाव के थे कल्याण सिंह- भाजपा के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय कल्याण सिंह की यादें संभल जिले के देवापुर गांव से जुड़ी हैं। उनकी ससुराल संभल में है। यहां के लोग हमेशा कल्याण सिंह को उनकी सादगी और सरल स्वभाव की चर्चा करके याद करते हैं।

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राम जी के लिए दिया इस्तीफ़ा

कहा जाता है कि कल्याण सिंह अपनी बात बहुत ही स्पष्ट रूप से रखते थे। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद भी उन्होंने साफ़ कहा था कि सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम किए गए हैं, लेकिन बतौर सीएम उन्होंने ख़ुद आदेश दिया था कि कारसेवकों पर गोलियां न चलाई जाएँ। 6 सितंबर 1992 को जो कुछ हुआ, उसकी पूरी ज़िम्मेदारी कल्याण सिंह ने ख़ुद ली और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

अलीगढ़ में हुआ था जन्म

कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी, 1932 को अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता का नाम तेजपाल लोधी और माता का नाम सीता देवी था। कल्याण सिंह की एक बेटी और एक बेटा भी हैं।

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