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शिव मंदिर के सामने मांस मत बेचो… युवक को भारी पड़ गया विरोध, दरिंदे ने मां के सामने कुचला

Damoh Crime News: सावन का महीना शुरू होते ही  दमोह से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शिव मंदिर के सामने नॉनवेज बेचने का विरोध करना एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि विरोध के बाद एक युवक की कार से कुचलकर मौत हो गई। मृतक की माँ नन्नी बाई रैकवार ने कहा है कि मेरे बेटे ने मेरे सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

By: Deepak Vikal | Published: July 12, 2025 7:37:52 PM IST



Damoh Crime News: सावन का महीना शुरू होते ही  दमोह से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शिव मंदिर के सामने नॉनवेज बेचने का विरोध करना एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि विरोध के बाद एक युवक की कार से कुचलकर मौत हो गई। मृतक की माँ नन्नी बाई रैकवार ने कहा है कि मेरे बेटे ने मेरे सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। उसे अकील और उसके पिता नासिर खान ने मारा है। मैं और मेरा बेटा डॉक्टर के पास जा रहे थे, तभी हम पर हमला हुआ। इस बीच, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। चूँकि मामला दो समुदायों का है, इसलिए इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

News 18 के मुताबिक दमोह शहर के पठानी मोहल्ले में शुक्रवार शाम राकेश रैकवार उर्फ रक्के अपनी बीमार माँ नन्नी बाई को डॉक्टर के पास ले जा रहा था। रास्ते में अजमेरी गार्डन के पास अचानक एक कार ने उसे कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक की माँ के अनुसार, यह सिर्फ़ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। माँ की आँखों के सामने बेटे को कुचलकर मार डाला गया। मृतक की माँ नन्नी बाई रायकवार ने बताया कि कार अकील खान चला रहा था और उसके पिता नासिर खान ने उसे मारने का इशारा किया था। कार से कुचलकर उसकी मौत हो गई।

इलाके में हिंदू संगठनों और समाज द्वारा हिंसक प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, अजमेरी गार्डन के पास एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं। आरोप है कि अकील और उसके पिता नासिर खान ने मंदिर के सामने अवैध रूप से मकान बनाकर पिछले तीन सालों से वहाँ मीट की दुकान चला रहे थे। मंदिर के सामने खुलेआम मीट काटकर बेचा जाता था, जिससे स्थानीय लोग काफी गुस्से में थे। राकेश रायकवार इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे और कई बार प्रशासन से शिकायत भी कर चुके थे। शुक्रवार को इसी मुद्दे पर एक बार फिर बहस हुई, जिसके बाद शाम को राकेश की हत्या कर दी गई।

पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

परिवार का कहना है कि प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस घटना के बाद समाज के लोग, खासकर मांझी समाज और हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। सभी का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जो प्रशासन की लापरवाही से संभव हुई। शनिवार को राकेश का पोस्टमार्टम हुआ, जिसके बाद गुस्सा और बढ़ गया। शवयात्रा में शामिल लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दमोह में हिंदू युवा वाहिनी, मांझी समाज और कई अन्य संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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‘यह सड़क हादसा नहीं, हत्या है’

दमोह के एडिशनल एसपी सुजीत भदौरिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह महज हादसा नहीं, हत्या है। मृतक की मां की शिकायत पर अकील और नासिर खान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कार भी जब्त कर ली गई है। भदौरिया ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि हो गई है। साथ ही, मंदिर के पास मांस बिक्री और अवैध कब्जे की भी जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न घटे।

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