Ayushman Card e-KYC: आयुष्मान कार्ड देश के सभी नागरिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्ड है. 2018 में लॉन्च किया गया है. आयुष्मान कार्ड लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त मेडिकल इलाज देता है. बढ़ते मेडिकल खर्चों के इस दौर में आयुष्मान कार्ड किसी जीवन रक्षक से कम नहीं है. आप में से कई लोगों के पास शायद पहले से ही आयुष्मान कार्ड होगा. इस योजना के तहत योग्य लाभार्थियों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है. अब सरकार ने इस योजना के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो सीधे कार्डधारकों को प्रभावित करेंगे. आइए और जानें…
आयुष्मान कार्ड के लिए e-KYC अनिवार्य
सरकार ने यह साफ कर दिया है कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अब आधार-आधारित e-KYC अनिवार्य होगा. जिनका e-KYC पूरा नहीं है, उन्हें नया कार्ड नहीं मिलेगा. इसके अलावा मौजूदा कार्ड पर इलाज की सुविधाएं भी निलंबित की जा सकती है. इसका मतलब है कि अधूरी जानकारी वाले लाभार्थियों के लिए मुफ्त इलाज खतरे में पड़ सकता है.
BIS 2.0 सिस्टम के जरिए सख्त वेरिफिकेशन
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए BIS 2.0 नाम का एक नया सिस्टम लागू किया है. इस सिस्टम के ज़रिए, लाभार्थी की पहचान आधार का इस्तेमाल करके पूरी तरह से वेरिफाई की जाएगी. जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का लाभ केवल सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे.
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AI से धोखाधड़ी का पता लगाया जा रहा है
धोखाधड़ी वाले आयुष्मान कार्ड पर रोक लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है. वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान हजारों कार्ड संदिग्ध पाए गए है. कई मामलों में फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है और धोखाधड़ी वाले पाए गए कार्ड के लिए मेडिकल सुविधाएं तुरंत निलंबित की जा रही है.
नए परिवार के सदस्यों को जोड़ना अब ज़्यादा मुश्किल
आयुष्मान कार्ड में नए परिवार के सदस्यों को जोड़ने के नियम भी सख्त कर दिए गए है. अब सही डॉक्यूमेंटेशन और पूरी वेरिफिकेशन के बिना किसी का नाम जोड़ना मुश्किल होगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस योजना में केवल वही परिवार शामिल रहें जो सच में इसके योग्य है.
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सरकार ने नियम क्यों बदले?
सरकार के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे लोग जो योग्य नहीं थे. वे भी योजना का लाभ उठा रहे थे. इससे सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा था और सही जरूरतमंदों को नुकसान हो रहा था. इस गलत काम को खत्म करने के लिए नए नियम लागू किए गए है.
कार्डधारकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
अगर आपका आयुष्मान कार्ड अभी तक आधार से लिंक नहीं है या उसमें गलत जानकारी है, तो आपको इलाज के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. जरूरत पड़ने पर मुफ्त इलाज पाने में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सलाह दी जाती है कि आप पहले से ही अपना ई-केवाईसी और कार्ड स्टेटस चेक कर लें.
अपना KYC पूरा करें
अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है. तो यह जरूरी है कि आप जल्द से जल्द अपना KYC पूरा कर लें. आप अपना KYC मोबाइल ऐप या अपने नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) जाकर पूरा कर सकते है.