Assam Assembly Election 2026: असम में 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को चुनाव होने जा रही है. राज्य की सियासत पिछले काफी समय से चर्चा में बनी हुई है. वहीं जब 15 मार्च को चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान किया तो हार-जीत को लेकर चर्चा तेज हो गई. वर्तमान में सत्तरूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली हिमंता बिस्वा सरमा सरकार सत्ता में वापसी की पूरी कोशिश कर रही है. सीएम पर लगातार बैंक धुव्रीकरण के आरोप लगते रहे हैं.
9 अप्रैल को होंगे मतदान
रविवार को चुनाव आयोग ने ऐलान किया कि असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को चुनाव होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. असम की सियासत में मुस्लिम मतदाता अहम भूमिका निभा सकते हैं. राज्य की कई विधानसभा सीटों पर मुस्लिम वोटर चुनावी नतीजों पर प्रभावित करते हैं. यही कारण है कि हर चुनाव में सवाल उठता है कि असम में कुल कितनी सीटें हैं और कितने मुस्लिम विधायक हैं?
असम में मुस्लिम प्रतिनिधित्व
विधानसभा सीटों की बात करें, तो असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं. साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कुल 31 मुस्लिम विधायक चुने गए थे. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के 15 मुस्लिम विधायक, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 15 और एक भारतीय जनता पार्टी का मुस्लिम विधायक ने जीत हासिल की थी और विधानसभा पहुंचे थे. मतदाताओं के आंकड़े की बात करें तो कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.5 करोड़ के आसपास है. जिनमें करीब 35 फीसदी मुस्लिम मतदाता है. इस हिसाब से देखें तो राज्य में करीब 85 से 90 लाख मुस्लिम वोटर होने का अनुमान है. लेकिन साल 2023 की डिलिमिटेशन प्रक्रिया के बाद विधानसभा सीटों का समीकरण बदलता हुआ नजर आ सकता है. नए परिसीमन के अनुसार, राज्य में करीब 22 से 24 सीटें मुस्लिम बहुल हैं. वहीं करीब 5 से 6 सीटों पर मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं. कुल मिलाकर आज भी 28 से 30 विधानसभा सीटों पर मुस्लिम वोट चुनावी नतीजों को बदलने की हिम्मत रखते हैं.
मुस्लिम वोट बैंक कहां अधिक?
असम के कुछ जिले ऐसे हैं जहां मुस्लिम आबादी बहुमत में है. यही कारण है कि वहां मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव काफी मजबूत है. इन जिलों में चुनावी समीकरण अक्सर इसी आबादी की ओर घूमता है. धुबरी जिला मुस्लिम वोट बैंक के लिहाज में सबसे आगे है. यहां करीब मुस्लिम आबादी लगभग 73.49 फीसदी है. धूबरी में करीब 10.24 लाख मुस्लिम रहते हैं.
असम की कुर्सी पर किसका राज?
परिसीमन के बाद असम में लगभग 22 से 24 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी बहुमत में है. जबकि करीब 28 से 30 सीटों पर मुस्लिम वोट नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं. इसी वजह से असम की राजनीति में मुस्लिम मतदाता चुनावी परिणामों का रुख तय करते हैं. ऐसे में यहां भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है.