Ankita Bhandari Murder Case: एक ऐसा हत्याकांड जिसने पूरे देश को झंकझोर कर रख दिया. जी हाँ! हम उसी हत्याकांड की बात कर रहे हैं जिसमे एक लड़की को VIP को खुश करने के लिए स्पेशल सर्विस देने के लिए मजबूर किया जाता है. अंकिता हत्याकांड एक ऐसा हत्याकांड है जिसकी कड़ी अब भी नहीं सुलझी. वहीं अब इस मामले को लेकर दिल्ली से लेकर देहरादून तक बवाल मचा हुआ है. आज हम आपको बताएंगे कि इस केस को दुबारा खोलने की जरूरत क्यों पड़ी और उस मासूम को किस बेररहमी का सामना करना पड़ा था.
फिर उठी आवाज
जानकारी के मुताबिक अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल VIP की पहचान को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच, उत्तराखंड भर से लोग देहरादून पहुंचे. अलग-अलग संगठनों के सदस्यों ने देहरादून के परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च किया. उत्तराखंड महिला मंच द्वारा बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन में पूरे मामले की CBI जांच, VIP का नाम सामने लाने और उठे सभी सवालों और शंकाओं की जांच की मांग की जा रही है. बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड में एक नहीं कई VIP शामिल थे. उत्तराखंड क्रांति दल, कांग्रेस और कई अन्य संगठन इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि विरोध के तरीके अलग-अलग हैं. इस मामले में न्याय की मांग के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग भी आगे आए हैं. दूसरी ओर, कुछ प्रदर्शनकारी मिट्टी के बर्तन लेकर आए, जो मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के बिहार की महिलाओं के बारे में दिए गए विवादित बयान का संदर्भ था. बर्तनों पर “25,000 रुपये, साहू” जैसे नारे लिखे हुए थे. प्रदर्शनकारी पूरे मामले को लेकर आक्रोश में हैं.
जानिए क्या था अंकिता हत्याकांड?
अंकिता हत्याकांड एक ऐसा मामला था जिसने पूरे देश को झंकझोर कर रख दिया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंकिता एक 19 साल की लड़की थी जो पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं. सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और लापता होने के लगभग एक सप्ताह बाद उनका शव चीला शक्ति नहर से मिला था. हैरान कर देने वाली बात ये है कि मृत्यु से पहले अंकिता ने रिज़ॉर्ट की गतिविधियों और अपनी सुरक्षा को लेकर अपने एक दोस्त पुष्पदीप से फोन कॉल और चैट के जरिए चिंता साझा की थी, जिनका विवरण जांच के दौरान सामने आया.
पुलिस का कहना था कि, रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके सहयोगी अंकित गुप्ता के अलावा सौरभ भास्कर कथित तौर पर अंकिता पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाते थे. कहा जाए तो VIP लोगों को एक्सट्रा सर्विस देने का दबाव बनाते थे. जानकारी के मुताबिक अंकिता उन VIP को एक्सट्रा सर्विस देने से साफ इंकार कर देती थी. अंकिता ने जब इस घिनोने काम का विरोश किया तो अंकिता को चीला नहर में धक्का देकर मार डाला गया.विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने विस्तृत जांच कर 500 पन्नों की चार्ज़शीट अदालत में दाखिल की. 47 गवाहों की जांच के बाद, कोटद्वार की अपर ज़िला एवं सत्र न्यायालय ने इस साल 30 मई को अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.

