IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र और ग्रेलैब्स एआई के संस्थापक अमन गोयल ने जब खुलासा किया कि वे अपने घर के मैनेजर को हर महीने ₹1 लाख वेतन देते हैं, तो इंटरनेट पर मानो हलचल मच गई. एक तरफ लोग इसे स्मार्ट और समय बचाने वाला फैसला बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आलोचक इसे फिजूलखर्ची करार दे रहे हैं. आइये जानते हैं आखिर अमन गोयल का क्या कहना है?
अमन गोयल की अनोखी नियुक्ति
ग्रेलैब्स एआई के संस्थापक अमन गोयल और उनकी पत्नी, ग्रेलैब्स की सह-संस्थापक हर्षिता श्रीवास्तव, अपने व्यवसाय के विस्तार पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने एक पेशेवर गृह प्रबंधक को नियुक्त किया है जो सभी घरेलू ज़िम्मेदारियाँ संभालता है. अमन गोयल ने बताया कि यह प्रबंधक भोजन योजना, अलमारी प्रबंधन, मरम्मत, रखरखाव, किराने का सामान और कपड़े धोने सहित सभी ज़िम्मेदारियाँ संभालता है. गोयल ने कहा कि यह निर्णय अब तक अच्छा रहा है – इससे उन्हें बहुत परेशानी और समय की बचत हुई है.
₹1 लाख का वेतन क्यों?
अमन गोयल ने बताया कि उनका गृह प्रबंधक एक शिक्षित पेशेवर है जो पहले एक होटल श्रृंखला में संचालन प्रमुख के रूप में कार्यरत था. उन्होंने कहा, “यह महँगा लग सकता है, लेकिन हो सकता है कि हो. लेकिन हम अपने समय की कद्र करते हैं और इसे वहन कर सकते हैं, इसलिए हम भुगतान कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि उनके माता-पिता उनके साथ रहते हैं, दोनों ही वरिष्ठ नागरिक हैं. इसलिए, वह चाहते हैं कि घर का प्रबंधन पूरी तरह से किसी पेशेवर द्वारा किया जाए ताकि उनके बुज़ुर्ग माता-पिता पर ज़्यादा बोझ न पड़े.
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी
इस विषय पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने इसे एक शानदार और व्यावहारिक विचार बताया, जबकि अन्य ने इसे संस्थापकों के धन का दुरुपयोग बताया। एक उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, “तो इस तरह आप संस्थापकों के धन को बर्बाद कर रहे हैं.” अमन गोयल ने आलोचना का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वह अपने प्रबंधक को अपनी निजी आय से भुगतान करते हैं. उनके स्पष्टीकरण के बावजूद, लोगों के बीच इस बात पर चर्चा जारी है कि क्या घर के प्रबंधन के लिए इतना बड़ा वेतन देना एक समझदारी भरा फैसला है.

