Explainer: क्या होता है ‘भूत शुद्धि विवाह’? सामंथा-राज निदिमोरु ने की है इस रीति से शादी

Bhoot Shuddhi Vivah: सामंथा रुथ प्रभु और राज निदिमोरु की शादी के चर्चे जमकर चल रहे हैं. इसी बीच भूत शुद्धि विवाह का जिक्र भी छिड़ गया है. कहा जा रहा है कि सामंथा और राज ने इस रिवाज के तहत लिंग भैरवी को साक्षी मानकर शादी की है.

Published by Prachi Tandon

Samantha Ruth Prabhu and Raj Nidimoru Bhuta Shuddhi Vivah: एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु ने फिल्ममेकर राज निदिमोरु से 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित ईशा योग सेंटर के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की है. सामंथा और राज निदिमोरु की इंटीमेट, सिंपल और रिचुअल वेडिंग की फोटोज जमकर वायरल हो रही हैं. सामंथा की फोटोज सामने आने के बाद से ऐसा कहा जा रहा है कि सामंथा ने राज से भूत शुद्धि विवाह की रीतियों के साथ शादी की है. भूत शुद्धि विवाह के बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा, आइए यहां जानते हैं यह क्या होता है और इसमें किस तरह की रीतियां निभाई जाती हैं. 

सामंथा ने भूत शुद्धि विवाह रिवाज से की शादी

सामंथा रुथ प्रभु और राज निदिमोरु की शादी सुबह लगभग 6 बजे शुरू हुई थी. शादी में महज 30 लोग शामिल हुए थे, जिसमें करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल हुए थे, जिसके बाद एक्ट्रेस ने राज निदिमोरु के साथ सेरेमनी की तस्वीरें शेयर की थीं. तस्वीरों के सामने आने के बाद भूत शुद्धि विवाह के चर्चे शुरू हो गए हैं. यह एक यूनिक शादी का रिवाज है, जिसे यौगिक ट्रेडिशन में फॉलो किया जाता है. 

क्यों होता है भूत शुद्धि विवाह?

पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, भूत शुद्धि विवाह कोई सामान्य क्षेत्रीय या धार्मिक विवाह नहीं है. बल्कि, यह एक यौगिक परंपरा है. भूत शुद्धि विवाह एक अनूठा रिवाज है, जो तात्विक स्तर पर मिलन पर जोर देता है. ऐसा माना जाता है कि भूत शुद्धि विवाह का उद्देश्य पांच मूलभूत तत्वों को शुद्ध और एक साथ करना होता है. इस विवाह के तहत भावनाओं, विचारों और शारीरिक आकर्षण के परे एक गहरा संबंध बनाना होता है. यह आमतौर पर ईशा योग केंद्र में लिंग भैरवी मंदिर में आयोजित किया जाता है. 

भूत शुद्धि विवाह में ‘भूत’ का अर्थ है पांच मूलभूत तत्व, जिसमें पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश आता है. वहीं, शुद्धि का मतलब है शुद्धिकरण और शोधन. इसलिए, भूत शुद्धि विवाह समारोह का मतलब है कि एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें पांच तत्वों की शुद्धि होती है. 

कैसे होता है भूत शुद्धि विवाह?

भूत शुद्धि विवाह में ज्यादातर ईशा योग केंद्र में लिंग भैरवी में सम्पन्न होता है. इस विवाह में जोड़ा पवित्र अग्नि के चारों ओर होने वाली रीति में हिस्सा लेता है. इसके बाद देवी का आह्वान किया जाता है और तत्वों की शुद्धि की मांग की जाती है. भूत शुद्धि विवाह सिर्फ दो लोगों के समर्पण का प्रतीक नहीं है, बल्कि दो आत्माओं के बीच एक स्थिर और धार्मिक रूप से मिलने वाले रिश्ते को भी दर्शाता है. 

कौन कर सकता है भूत शुद्धि विवाह?

सगाई और शादी कर चुके कपल्स भूत शुद्धि विवाह करवा सकते हैं. अगर वह चाहते हैं कि उनका रिश्ता और गहरा हो जाए, साथ ही वह धार्मिक रुप से भी जुड़ जाएं तो यह रीति करवाई जा सकती है. हालांकि, यह रीति तब बिल्कुल भी नहीं की जा सकती है, जब दुल्हन मां बनने वाली होती है. ज्यादातर लोग भूत शुद्धि विवाह अपनी 25 या 50वीं सालगिरह या जन्मदिन पर करवाते हैं. 

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क्या है भूत शुद्धि विवाह का लोकेशन और प्रोसेस?

सद्धगुरु के ईशा योग सेंटर में स्थित लिंग भैरवी मंदिर में ही ज्यादातर भूत शुद्धि विवाह का आयोजन किया जाता है. हालांकि, कोई यह विवाह और किसी जगह करवाना चाहता है तो ईशा योग सेंटर की टीम और ट्रेन्ड लोग इसे करवा सकते हैं. 

माना जाता है कि भूत शुद्धि विवाह एक पांरपरिक आयोजन होता है, जिसमें परिवार और करीबी लोग ही शामिल होते हैं. साथ ही इस शादी में खास तरह की ड्रेस कोड और व्यवस्थाओं की जरुरत होती है. 

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भूत शुद्धि विवाह और लिंग भैरवी विवाह में क्या होता है अंतर?

भूत शुद्धि विवाह

भूत शुद्धि विवाह का फोकस इंसानी शरीर के पांच मूलभूत तत्वों को शुद्ध करना होता है. यह सगाई कर चुके और शादीशुदा कपल्स कर सकते हैं. इस शादी में पवित्र अग्नि के चारों तरफ जोड़ा घूमता है और अपने रिश्ते को धार्मिक रुप से मजबूत करता है. 

भूत शुद्धि विवाह अगर ईशा योग सेंटर में कराया जाता है, तो इसकी बुकिंग के दौरान पैकेज में ऑफिशियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी शामिल होती है. वहीं, अगर आप लाइव स्ट्रीमिंग कराना चाहते हैं, तो उसकी स्पेशल परमिशन लेनी होती है. भूत शुद्धि विवाह के लिए एक ही सख्त नियम है कि यह तब बिल्कुल भी नहीं होता है, जब दुल्हन प्रेग्नेट होती है. 

लिंग भैरवी विवाह

यह भी एक खास शादी का रिवाज है, जिसमें नया जोड़ा नई शुरुआत करने से पहले देवी का आशीर्वाद लेता है. यह विवाह की रीति में जोड़े को धार्मिक के साथ-साथ इमोशनली भी जोड़ती है. यह एक बड़ी रीतियों का भी हिस्सा होता है, जिसे विवाह वैभव भी कहा जा सकता है. लिंग भैरवी विवाह में सेहत के लिए एडिशनल सेवा भी करवाई जा सकती है. इस विवाह की रीति की बुकिंग करवाते समय पैकेज में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी शामिल नहीं होता है. इसके लिए खास और अलग इंतजाम करवाना पड़ता है. 

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Prachi Tandon

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