Ranveer Singh Kantara Controversy: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ दोनों को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं. हाल ही में रणवीर सिंह ने कर्नाटक हाई कोर्ट में अर्जी देकर बेंगलुरु में उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है. बता दें कि, यह FIR ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंतारा 2 में दैव की तरह उनके हाव भाव को लेकर दर्ज की गई थी. दरअसल, उन्होंने दैव सीन की नकल उतारी थी. जिसके बाद वह विवाद में घिर गए थे. अब इस मामले की कोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जनवरी 2026 में रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई थी. एक्टर पर आरोप था कि उन्होंने हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है. साथ ही उन्होंने कर्नाटक की चावुंडी दैव परंपरा का अपमान किया है. यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 के तहत दर्ज किया गया था. यह शिकायत बेंहलुरु के 46 साल के वकील प्रशांत मेथल ने दर्ज कराई थी. FIR के मुताबिक, यह कथित घटना 28 नवंबरस 2025 को गोवा में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह के दौरान हुई थी. शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि रणवीर सिंह ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और एक स्टेज एक्ट भी किया था. उनके मुताबिक, एक्टर ने दैव परंपरा के पवित्र तत्वों का मजाक उड़ाया और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की थी.
एक्टर पर लगाए गए आरोप
FIR में मेथल ने कहा कि उन्हें 2 दिसंबर, 2025 को बेंगलुरु में कर्नाटक स्टेट बिलियर्ड्स एसोसिएशन में इंस्टाग्राम स्क्रोल करते हुए परफॉर्मेंस का एक वीडियो मिला था. वह वीडियो ब्रीफ चाट नाम के एक अकाउंट से शेयर किया गया था. मेथल ने आरोप लगाया कि रणवीर सिंह ने पंजुर्ली और गुलिगा दैव से जुड़े एक्सप्रेशन की नकल करने की कोशिश की, जो काफी भद्दा और अपमानजनक था. उन्होंने आगे दावा किया कि एक्टर ने पवित्र चावुंडी दैव को महिला भूत कहा था.
संन्यास लेने के बाद अरिजीत ने फिर गाया गाना, आमिर खान की थी फरमाइश; क्या फिर बॉलीवुड में लौटने की तैयारी कर रहे सिंगर?
शिकायत में आगे कहा गया है कि चावुंडी दैव को कर्नाटक के तटीय इवाके में एक रक्षक देवता के रुप में पूजा की जाती है. जो एक दिव्य स्त्री का प्रतीक है. भक्त उनमें काफी श्रद्धा रखते हैं. देवता को भूत कहना एक गंभीर गलतफहमियां पैदा करना जैसा है. ऐसा करके रणवीर ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और दैव परंपरा का पालन करने वालों को मानसिक परेशानी हुई है. FIR में आगे आरोप लगाया गया कि यह काम जानबूझकर और गलत इरादे से किया गया थ. यह मामला बेंगलुरु में पहले एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) कोर्ट को भेजा गया था. इस मामले की सुनवाई 8 अप्रैल को होनी थी.

