Categories: बिहार

Farmer ID: जमाबंदी के नए नियम से किसानों की बढ़ी टेंशन, पीएम किसान योजना से कट सकता है नाम

Bihar Bhumi Jamabandi: सरकार और कृषि विभाग द्वारा लागू की जा रही किसान आईडी प्रणाली किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है. नए प्रावधानों के तहत पीएम किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान सम्मान निधि 2026) के तहत लाभ पाने वाले किसानों के लिए जमीन का अपने नाम पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य कर दिया गया है.

Published by Mohammad Nematullah

Bihar Bhumi Jamabandi: सरकार और कृषि विभाग द्वारा लागू की जा रही किसान आईडी प्रणाली किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है. नए प्रावधानों के तहत पीएम किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान सम्मान निधि 2026) के तहत लाभ पाने वाले किसानों के लिए जमीन का अपने नाम पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य कर दिया गया है.

ई-केवाईसी की जरूरत और लाभार्थी के नाम पर जमीन का रजिस्ट्रेशन न होने के कारण किसान आईडी जेनरेट नहीं हो पा रही है. जिससे आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में किसान पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित हो सकते है. कृषि विभाग के निर्देशों के अनुसार किसान सलाहकारों किसान समन्वयकों और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किसान आईडी बनाने का काम किया जा रहा है.

क्या आप मादुरो की तरह पुतिन को भी पकड़ेंगे? इस सवाल का ट्रंप ने दिया ऐसा जवाब; सुन दंग रह गई पूरी दुनिया

विभागीय निर्देशों में साफ तौर पर कहा गया है कि किसान आईडी केवल उन्हीं किसानों को जारी की जाएगी जिनकी जमीन उनके नाम पर रजिस्टर्ड है. इस वजह से जिन किसानों की जमीन उनके दादा पिता या पत्नी के नाम पर संयुक्त रूप से रजिस्टर्ड है. वे किसान आईडी प्राप्त नहीं कर पा रहे है. इससे पूरे ज़िले के किसानों में बेचैनी और चिंता फैल गई है.

कई किसानों का कहना है कि जमीन सालों से उनके दादा या पिता के नाम पर है. परिवार में संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ है. सभी सदस्य एक ही जमीन पर खेती करते हैं और उसी से अपनी आजीविका कमाते है. उन्हें लगता है कि नियमों में इस अचानक बदलाव से उन्हें सरकारी योजना के लाभ से अनुचित रूप से वंचित किया जा रहा है.

Related Post

Swami Vivekanand Jayanti 2026: 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती, जीवन के सफलता के लिए अपनाएं उनकी ये बातें

सीता शरण सिंह और अन्य किसानों ने यह भी बताया कि जमीन उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है. जबकि खेती पति करता है. ऐसे मामलों में भी उन्हें किसान आईडी प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है. किसानों ने सरकार से इस समस्या को हल करने के लिए एक वैकल्पिक प्रणाली लागू करने की मांग की है.

वे सुझाव देते हैं कि संयुक्त परिवारों के मामले में एक फैमिली ट्री स्थानीय प्रतिनिधि से प्रमाण पत्र या राजस्व विभाग के अधिकारियों से प्रमाण पत्र का उपयोग यह सत्यापित करने के लिए किया जाना चाहिए कि संबंधित किसान का जमीन में हिस्सा है और वह वास्तव में उस पर खेती कर रहा है. इस सत्यापन के आधार पर किसान आईडी बनाई जानी चाहिए ताकि कोई भी योग्य किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे.

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज बड़ा झटका या राहत? जानें आपके शहर के लेटेस्ट रेट्स

किसानों का यह भी कहना है कि एक ही परिवार के कितने सदस्यों का नाम जमीन के रजिस्ट्रेशन में शामिल है. इस पर विचार किया जाना चाहिए और सभी असली किसानों को योजना का लाभ मिलना चाहिए. मौजूदा प्रणाली से किसानों में गुस्सा है, और क्षेत्र में विरोध की आवाज़ें सुनाई देने लगी हैं. फिलहाल किसान ID से जुड़ी यह समस्या ज़िले के किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. अगर समय पर इसका समाधान नहीं निकाला गया, तो बड़ी संख्या में किसान PM किसान सम्मान निधि योजना से बाहर हो सकते हैं, जिसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा.

Mohammad Nematullah

Recent Posts

JEE Advanced 2026: देवदत्ता माझी ने रचा इतिहास, 312 अंकों के साथ बनीं महिला टॉपर

जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) के हाल के ही नतीजों में देवदत्ता माझी (Devdutta Majhi) ने…

January 11, 2026