Professional Golf Tour of India (PGTI) के अध्यक्ष कपिल देव ने खुलासा किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उनके साथ गोल्फ खेलने से इनकार क्यों किया. उन्होंने गोल्फ को लेकर अपने और गावस्कर के बीच हुई एक मज़ेदार बातचीत का भी खुलासा किया. कपिल ने यह बात शनिवार को NDTV वर्ल्ड समिट 2025 में कही, जहां NDTV Golf Pro-Am लॉन्च किया गया था. कपिल, जो अब एक उत्साही गोल्फर हैं, ने भारत को 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब दिलाया था. उनके पूर्व साथी गावस्कर भी उस विजेता टीम का हिस्सा थे.
गावस्कर का मज़ेदार जवाब
एक दिन मैंने सुनील गावस्कर से पूछा, मैंने कहा कि आओ, गोल्फ खेलते हैं, आनंद लेते हैं. उन्होंने कहा कि तुम्हें पता है, मेरे साथ समस्या यह है कि मुझे शतक बनाना बहुत पसंद है. यह बहुत अच्छा नहीं है. अगर तुम गोल्फ में शतक बनाते हो, तो तुम एक बुरे गोल्फर हो.
किसी भी खेल में उनके प्रतिस्पर्धी स्वभाव के बारे में पूछे जाने पर, कपिल ने कहा कि वह आनंद लेने के उद्देश्य से खेलते हैं. PGTI अध्यक्ष ने कहा कि मैं बस आनंद लेता हूं. दूसरे लोग कहते हैं कि तुम हर खेल में बहुत प्रतिस्पर्धी हो. मैं बस खेल का आनंद लेना चाहता हूं. लोग खेल का आनंद लेना भूल जाते हैं, वे हमेशा कहते हैं, मैं जीतना चाहता हूं. मैं ऐसा नहीं हूं. ईश्वर ने मुझे प्रतिभा दी है.
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केवल कपिल ही नहीं, कई अन्य पूर्व क्रिकेटरों ने भी गोल्फ़ को अपनाया है. इस लंबी सूची में सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह का नाम शामिल है.
क्रिकेटरों के गोल्फ में अच्छा प्रदर्शन करने का कारण पूछे जाने पर, कपिल ने कहा कि मुझे लगता है, उन्हें मूल रूप से हरी घास पसंद है. उन्हें क्रिकेट के मैदान पर पर्याप्त हरी घास नहीं मिलती. यह (गोल्फ) एक ऐसा खेल है जिसे आप किसी भी उम्र में खेल सकते हैं. किसी क्रिकेटर या फुटबॉलर के लिए 50 साल की उम्र में आकर अपनी बांहों में गेंद डालना बहुत मुश्किल होता है. यहां आप अपने पिता, अपने पोते-पोतियों, दोस्त, पत्नी के साथ खेल सकते हैं.
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