वीर नारायण शर्मा की रिपोर्ट, Janmashtami 2025: भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा में श्रीकृष्णोत्सव 2025 आज शुक्रवार से शुरु होने जा रहा है। इस बार भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को सिंदूर नाम दिया गया है। इस दौरान कन्हैया की जन्म और लीला स्थली में ब्रज संस्कृति की अदभुत छटा दिखाई देगी। कहीं रास होगा तो कहीं मयूर नृत्य देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को लुभा रहा होगा। जन्माष्टमी को भव्य और दिव्य रूप में मनाए जाने की तैयारियां पूरी हो गई हैँ। शुरुआत जन्मस्थान से कलाकारों की शोभायात्रा के साथ होगा।
400 कलाकारों की टोलियां
कन्हैया के जन्मोत्सव पर ब्रज आने वालों को आध्यात्मिक और अलौकिक अनुभूति कराए जाने के लिए इस बार तीन दिन करीब 400 कलाकारों की टोलियां लोक संस्कृति की प्रस्तुति देंगी। इसमें कहीं रास नजर आएगा तो कहीं बांसुरी की धुन सुनाई देगी। रसिया और रागिनी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी। जन्माष्टमी का उल्लास इस बार 15 अगस्त से 17 अगस्त तक ब्रज में छाएगा। जन्मोत्सव और नंदोत्सव के उल्लास में देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को सराबोर करने की तैयारी उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने जिला प्रशासन के साथ पूरी कर ली है। इस उत्सव को और खास बनाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली मथुरा से लेकर लीला स्थली वृंदावन, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव, गोकुल में तैयारियों का दौर चल रहा है। इन तीर्थ स्थलों को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने कृष्णमय बनाने का काम हो रहा है।
लोक संस्कृति का भव्यता पूर्वक प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ ‘श्याम बहादुर सिंह’ ने बताया कि “श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ब्रज का सबसे प्रमुख उत्सव है। इस उत्सव पर ब्रज की लोक संस्कृति का प्रदर्शन भव्यता पूर्वक होगा। इसके लिए 21 से अधिक छोटे मंच और पांच बड़े मंच बनाए जा रहे हैँ। यहाँ रास, भजन, नृत्य, जन्म लीला सहित ब्रज की लोक कलाएं प्रदर्शित होंगी। इसके अलावा मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े सभी प्रमुख रास्तों पर स्ट्रीट परफॉर्मर के ग्रुप भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसमें बीन, डमरु, ढप, ढोल, मजीरा, सारंगी, बम नगाड़ा, कच्ची घोड़ी, वहरूपिया लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।”
यहाँ बनाए जाएंगे छोटे मंच…
पोतरा कुंड, महाविद्या डवाइडर, मसानी मुकुंद बिहार, डीग गेट सब्जी मंडी, भूतेश्वर तिराहा, माल गोदाम रोड रेलवे स्टेशन, बी एसए कालेज, नया बस अड्डा, रसखान की समाधि स्थल, बल्देव मैन बस स्टैंड, गोकुल में मंदिर के पास, दानघाटी मंदिर के सामने, चंद्र सरोबर पारासौली, गोविंद देव मंदिर के सामने वृंदावन, जयगुरु देव मंदिर सलेमपुर रोड, इस्कान मंदिर के पास वृंदावन, बिरला मंदिर के पास छोटे मंच बनाए जा रहे हैँ। यहाँ 15 अगस्त को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक, 16 अगस्त को दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक प्रस्तुतियाँ होंगी। सीइओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि 250 कलाकार जन्मस्थान की परिक्रमा करते हुए अपनी लोक कला का प्रदर्शन करेंगे। यह शोभायात्रा 15 अगस्त को सुबह 10 बजे से शुरु होगी, जो 12 बजे तक निकलेगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
जन्मस्थान सहित पांच स्थानों पर बड़े मंच बने…
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीला मंच पर 15 और 16 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम सात बजे तक तथा 17 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक प्रस्तुतियाँ होंगी। इसके अलावा पाच्चजन्य प्रेक्षाग्रह में 16 और 17 अगस्त को दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक, महावन में चौरासी खम्भा मंदिर पर 17 अगस्त को शाम चार बजे से आठ बजे तक, बलदेव मंदिर क्षेत्र में 29 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक, गीता शोध संस्थान वृंदावन में 17 अगस्त को शाम पांच बजे से 8.30 बजे तक प्रस्तुतियाँ होंगी।17 अगस्त को नंदगांव में नंदोत्सव पर विभिन्न कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।