Home > धर्म > Holi Bhai Dooj 2026: 4 मार्च या 5 मार्च? होली भाई दूज 2026 को लेकर कन्फ्यूजन खत्म! जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

Holi Bhai Dooj 2026: 4 मार्च या 5 मार्च? होली भाई दूज 2026 को लेकर कन्फ्यूजन खत्म! जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

Holi Bhai Dooj 2026: भाई दूज का यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. होली के बाद पहला भाई दूज और दूसरा दीवाली के बाद इस पर्व को मनाया जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का यह पर्व मनाया जाता है.

By: Preeti Rajput | Published: March 2, 2026 11:42:52 AM IST



Holi Bhai Dooj 2026: हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक भाई दूज का पर्व है. यह त्योहार भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है. भाई दूज का यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. होली के बाद पहला भाईदूज और दूसरा दीवाली के बाद इस पर्व को मनाया जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का यह पर्व मनाया जाता है. इस पर्व को भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है. इस साल द्वितीया तिथि दो दिन होने के कारण भाई दूज की तिथि को लेकर काफी आसमंजस बना हुआ है. आइए जानते हैं कि होली भाई दूज की सही तीथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व बताते हैं यहां…

होली भाई दूज 2026

द्रिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र माह के  कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि 4 मार्च को यह त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन शुभ मुहूर्त की शुरुआत  4 बजकर 48 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 5 मार्च को शाम 05:03 बजे समाप्त हो जाएगी. ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक, होली भाई दूज 5 मार्च को मनाई जाएगी. 

तिलक करने का मुहूर्त 

पंचांग के अनुसार, दोपहर 01:17 बजे से 03:31 बजे तक भाई को तिलक करने का सबसे अच्छा मुहूर्त माना जा रहा है. 

भाई को कैसे लगाएं तिलक?

भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं. सबसे पहले एक थाली तैयार करें, इसमें लाल चंदन और गंगाजल मिलाकर तिलक तैयार कर लें.  हल्दी, चूना और जल मिलाकर भी तिलक लगा सकते हैं. थाली में अक्षत चावल और मिठाई भी रख लें. अब सबसे पहले भगवान विष्णु के चरणों में तिलक अर्पित करें. इसके बाद 27 बार ‘ऊं नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करें. फिर अपने भाई को उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके किसी ऊंचे आसन पर बैठाएं. उसके सिर पर कपड़ा और रुमाल रख लें. इसके बाद उसके माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं. इसके बाद मिठाई खिलाएं. अंत में भाई अपनी बहन के पैर छूकर सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद ले.

होली भाई दूज 2026 की पौराणिक कथा

होली भाई दूज मनने के पीछे दो पौराणिक कथाएं काफी प्रचालित है. यह कथाएं श्री कृष्ण और यमराज से संबंधित है.  दरअसल, पौराणिक कथा के मुताबिक, नरकासुर नामक राक्षस का वध करने के बाद  भगवान श्रीकृष्ण अपनी बहन सुभद्रा के घर पहुंचे. तब सुभद्रा ने दीप जलाकर, पुष्प और मिठाइयों से उनका स्वागत किया. भाई-बहन के इस स्नेहपूर्ण मिलन को ही भाई दूज का प्रतीक माना जाता है. दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार, भाई दूज के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे. यमुना ने उनका आदरपूर्वक स्वागत किया, स्वादिष्ट भोजन कराया और उनके माथे पर तिलक लगाया. बहन के प्रेम से प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें वरदान मांगने के लिए कहा कि यमुना ने वर मांगा कि जो भी भाई इस दिन अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाएं और भोजन करने करें. ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय न रहे. यमराज ने यह वरदान स्वीकार किया और तभी से भाई दूज की परंपरा प्रचलित मानी जाती है. 

Islam Religion: नजर लगने से कैसे बचें? इस्लाम की 3 आसान दुआओं से मिलेगी पूरी हिफाजत, जानें सही तरीका!

चंद्र ग्रहण का असर 

मार्च के आरंभ में साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह भारत के भी नजर आने वाला है. इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा. ज्योतिष के मुताबिक, इस चंद्र ग्रहण का असर  12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से देखने को अवश्य मिलने वाला है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

Lunar Eclipse on Holi 2026: होली 2026 पर ‘चंद्र ग्रहण’ का साया, जानें दहन और रंगोत्सव का परफेक्ट मुहूर्त

Advertisement