Mahatma Gandhi Gram Swaraj Yojana: केंद्रिय वत्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) संसद में अपना 9वां बजट (Union Budget 2026) पेश कर रही हैं. बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक उद्योगों को नए ढांचे पर काफी ध्यान दिया गया है. केंद्रिय मंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का ऐलान किया है. इस बजट में मजबूत आजीविका मॉडल को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है. केंद्रिय मंत्री ने बजट में उन्होंने ऐलान किया कि सरकार महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना ला रही है.
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना क्या है?
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के जरिए वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा देना है. साथ ही यह योजना आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन है. इस योजना के तहत खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही यह एक वस्त्र उद्योगों के लिए एकीकृत कार्यक्रम है.
योजना की खास बातें
- खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ाना
- वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ाना
- प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर पर ध्यान देना
क्या है इस योजना में?
योजना में खादी और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने पर खास ध्यान दिया गया है. साथ ही इन चीजों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान भी शुरु किया जाएगा. इसके ग्रामीण युवाओं को मजबूती मिलेगी.
ग्लोबल मार्केट में हैंडीक्राफ्ट
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान के जरिए केवल भारत में ही नहीं बल्कि इसे ग्लोबल मार्केट पर पहचान दी जाएगी. इस योजना से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को और भी ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा. महात्मा गांधी ग्राम स्वराज की पहल हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. टेक्सटाइल और कलस्टर को आधुनिक बनाने के भी यह योजना अहम है.
किन लोगों को होगा फायदा?
- हैंडलूम कारीगर, कालीन और खादी उद्योग के कारीगर.
- योजना से जुड़े लोगों को सरकार आधुनिक मशीनें खरीदने के लिए.
- सलाना आजीविका को बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा.