Mass Protest: दुनियाभर में अब GenZ जाग गए हैं. ऐसे में वो जरा सा भी अन्याय बर्दाश्त नहीं कर रहे. सरकार और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दक्षिण एशिया से लेकर यूरोप और अफ्रीका तक, पिछले छह महीनों में पूरी दुनिया में अशांति की लहर देखी गई है. बढ़ती महंगाई, युवाओं का गुस्सा, राजनीतिक विरोध, भ्रष्टाचार और आज़ादी पर पाबंदियों ने लाखों लोगों को सड़कों पर ला दिया है. कई देशों में इन विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों को भी गिरा दिया है. चलिए जान लेते हैं कि किन-किन देशों में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए.
नेपाल
सितंबर 2025 में नेपाल में बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिला. सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया. इससे युवा नाराज़ हो गए, क्योंकि वे पहले से ही भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से परेशान थे. काठमांडू और अन्य बड़े शहरों में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. धीरे-धीरे ये प्रदर्शन हिंसक हो गए और दंगे भड़क उठे. हालात बिगड़ने पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा.
बांग्लादेश
बांग्लादेश में छात्र आंदोलन का असर पिछले कुछ महीनों में साफ़ दिखा. 2024 के मध्य में सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किए, जो जल्द ही पूरे देश में फैल गए. 5 अगस्त 2024 तक हालात इतने खराब हो गए कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा. इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी, जो 2026 की शुरुआत तक देश चला रही है. हालांकि हाल के महीनों में हिंदुओं पर हिंसा और हत्याओं की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.
ईरान
ईरान इस समय 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सबसे गंभीर संकट से गुजर रहा है. दिसंबर 2025 के अंत में खराब अर्थव्यवस्था, महंगाई और ईरानी मुद्रा रियाल की भारी गिरावट के कारण लोग सड़कों पर उतर आए. विरोध प्रदर्शन जल्द ही पूरे देश में फैल गए. हालांकि सरकार अभी तक गिरी नहीं है, लेकिन देशभर में तनाव और अस्थिरता बनी हुई है.
फ्रांस
फ्रांस में सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच बड़े विरोध प्रदर्शन हुए. लोग सरकार के बजट फैसलों, प्रवासन नीति और संसद में चल रहे गतिरोध से नाराज़ थे. जब सरकार ने बिना पूरी संसदीय मंजूरी के वित्तीय कानून पास करने की कोशिश की, तो जनता का गुस्सा और बढ़ गया. अंत में संसद में अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया और प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बेयरू की सरकार गिर गई.
मेडागास्कर
2025 के अंत में मेडागास्कर में भी हालात बिगड़ गए. बिजली और पानी की लंबे समय से चल रही समस्या, बढ़ती बेरोज़गारी और सरकार की नाकामी के खिलाफ युवा सड़कों पर उतर आए. बड़े शहरों में प्रदर्शन हिंसक हो गए. इस संकट के चलते राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना को देश छोड़ना पड़ा और उन्होंने अपनी पूरी सरकार को बर्खास्त कर दिया.