Iran Politics: ईरान इजराइल में चल रही जंग के दौरान दोनों देशों का अच्छा खासा नुकसान हो गया है. फिर भी ईरान ने कहीं कहीं दुबारा जख्मों के बाद भी खड़े होने का फैसला लिया है. बता दें कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शनिवार, 28 फरवरी को किए गए हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी मारे गए. 86 साल के खामेनेई हमलों के समय तेहरान में अपने बेहद सुरक्षित माने जाने वाले घर में ही थे. इस हमले में अली खामेनेई के साथ उनके कुछ करीबी रिश्तेदार और ईरान के कई प्रभावशाली लोगों ने भी अपनी जान गंवा दी. जिसके बाद ईरान का सुप्रीम लीडर खमेनेई के बेटे मोजतबा के को बनाया गया है, अब ईरान की कमान अली ख़ामेनेई के मोजतबा खामेनेई ही संभालेंगे. वहीं अब सवाल उठ रहा है कि उनके चार बेटे होने के बाद मोजतबा खामेनेई को ही क्यों सुप्रीम लीडर चुना गया? आखिर उनमे ऐसी क्या खासियत थी? आज हम आपको इन्ही सब सवालों के जवाब देने वाले हैं.
अली खामेनेई के परिवार में किस-किसकी हुई मौत?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इजराइल द्वारा किए गए इस खतरनाक हमले में अली खामेनेई की बेटी, पोते, बहू और दामाद की भी जान चली गई. बताया जा रहा है कि ये सभी तेहरान के एक कंपाउंड में थे, इस दौरान जब फाइटर जेट्स ने यह खतरनाक हमला किया. तब अयातुल्ला खामेनेई का परिवार बहुत बड़ा था, और इसमें शामिल लोगों के बारे में बहुत कम जानकारी पब्लिक में मौजूद है. इसीलिए मारे गए लोगों के नाम अभी तक सामने नहीं आ सके हैं.
अयातुल्ला अली खामेनेई की कितनी औलादें?
बता दें कि अली खामेनेई की शादी मंसूरेह खोजस्तेह बघेरज़ादेह से हुई थी, जो ज्यादा मीडिया के सामने नहीं आती और वो अपनी निजी जिंदगी में मशरूफ रहती हैं. मंसूरेह खोजस्तेह बघेरज़ादेह के पिता एक बिज़नेसमैन थे. वहीं बताते चलें कि अली खामेनेई के छह बच्चे थे,जिनमे चार बेटे और दो बेटियां शामिल थीं. उनके बेटे मुस्तफ़ा, मोजतबा, मसूद और मेसम हैं. उनकी दो बेटियां भी हैं. बोशरा और होदा. बोशरा की शादी मेसबाह अल-होदा बघेरी कानी से हुई है, और होदा की शादी मोहम्मद मोहम्मदी गोलपायेगानी से हुई है. अली खामेनेई के कई पोते-पोतियां भी हैं. लेकिन क्या आपने सोचा कि 4 बेटे होने के बाद भी मोजतबा को ही क्यों ईरान की कमान संभालने का मौका मिला.
मोजतबा सबसे असरदार हैं
जानकारी के मुताबिक, खामेनेई के बेटे मुस्तफा, मोजतबा, मसूद और मैसम हैं, जबकि उनकी बेटियां बोशरा और होदा हैं. बता दें कि इनमें से मुस्तफा अपने पिता खामेनेई के साथ रहता है, जबकि मोजतबा और मसूद बिजनेसमैन हैं. छोटे बेटे मैसम ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. वहीं अब आप सोच रहे होंगे कि मोजतबा को ही क्यों वहां का सुप्रीम लीडर बनाया गया. तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोजतबा अली खामेनेई के बच्चों में सबसे असरदार और जाने-माने हैं. अपने पिता की तरह, वो भी एक मौलवी बन गए. वह अभी ईरान के सबसे बड़े इस्लामिक मदरसे, क़ोम सेमिनरी में थियोलॉजी पढ़ाते हैं. मोजतबा ने रिवोल्यूशनरी गार्ड में भी काम किया. ईरानी राजनीति में भी उनका दबदबा है, और ऐसा माना जाता है कि अली खामेनेई के जीवनकाल में, सुप्रीम लीडर के पद से जुड़े कई फैसलों में मोजतबा खामेनेई की राय होती थी. मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर माना जाता है.