Iran-Israel War Reason: आज यानी शनिवार ( 28 फरवरी 2026) के दिन इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. इस हमले के बाद से ही दुनियाभर की राजनीति में हलचल मच गई है. वहीं जहां कुछ समय पहले इस जंग पर विराम लगा था एक बार फिर शुरू हो गई है. जी हां! आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शनिवार सुबह हुए इस अचानक हमले से तेहरान में अच्छी-खासी तबाही मच गई है. इस हमले के बाद से ईरान में तिलमिलाया हुआ है. साथ बता दें कि इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने साफ तौर पर इसको ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ यानी पहले हमला करने की कार्रवाई करार दिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये वॉर क्यों हो रहा है और इसके पीछे की असल वजह क्या है? आज हम आपको इस खबर के माध्यम से ये ही बताने वाले हैं.
कारण-1: इजराइल ने दिया ये कारण
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि यह हमला किसी संभावित खतरे के जवाब में किया गया था. इस हमले के बाद से ईरान में आक्रोश भरा हुआ है. वहीं अब कहीं न कहीं ये भी डर बना हुआ है कि कहीं ईरान भी इस हमले का करारा जवाब देगा. जिसके चलते हमले के बाद, पूरे इज़राइल में इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी गई है, और सरकार को डर है कि ईरान ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाबी हमला कर सकता है.
कारण-2: अमेरिका का बड़ा मकसद
लेकिन इस हमले के पीछे सिर्फ इजराइल ही नहीं है. बल्कि अमेरिका का भी इस हमले में पूरा-पूरा हाथ शामिल है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस हमले के बाद अमेरिका ने कहा कि इन हवाई हमलों का मकसद ईरान के सुरक्षा तंत्र को नष्ट करना था. जी हां! कहीं न कहीं अमेरिका ईरान की ताकत को खत्म करना चाहता है. इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत पूरा ईरानी शासन निशाने पर है.
कारण-3: अमेरिका अधिकारी के बयान से हो जाएगा सब क्लियर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल जज़ीरा से बात करते हुए, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हवाई हमलों का मकसद ईरान के सुरक्षा तंत्र को नष्ट करना है. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि ईरान पर हवाई हमले बड़े पैमाने पर होंगे.” वहीं अब ये वॉर कब तक चले कुछ नहीं पता. लगातार दोनों दुश्मन देश एक दूसरे को निशाना बनाए हुए हैं और अमेरिका भी इस जंग में एक अहम भूमिका निभा रहा है.
कारण-4: 4 दिन तक मचेगी तबाही
साथ ही बता दें कि ये जंग एक दिन में थमने वाली नहीं है क्योंकि इजराइल ने इस हमले को लेकर चार दिन की प्लानिंग तैयार कर रखी है. वहीं ईरान में भी इसे लेकर आक्रोश भरा हुआ है. जानकारी के मुताबिक एक इज़राइली अधिकारी ने चार दिन के हमले की तैयारियों के बारे में बात करते हुए कहा कि पहले चार दिनों के लिए मिलकर, ज़ोरदार हमलों की तैयारी चल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि “अगले दिन तेहरान पहले जैसा नहीं दिखेगा.”
कारण-5: ट्रंप की रचाई हुई साजिश
जैसा की आप सभी जानते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है. अमेरिकी नौसेना अत्याधुनिक हथियारों के साथ अरब सागर में तैनात है. इस बीच दोनों देशों के बीच जंग भी जारी है. अब तक हुई दो दौर की वार्ता के बाद भी कुछ सुलझ नहीं पाया था. वहीं अब एक नई रिपोर्ट ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है. दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ वरिष्ठ सलाहकार चाहते थे कि ईरान पर पहला हमला इजरायल करे, उसके बाद अमेरिका खुलकर उसका समर्थन करे ताकि अमेरिकी जनता का ट्रंप प्रशासन को समर्थन मिल सके. इतना ही नहीं कहीं न कहीं अमेरिका खुद को आज भी सुपर पावर दिखाने का हर संभावित प्रयास करते हैं, जिसके चलते हर एक जंग में ट्रंप का मनाम अक्सर हाईलाइट रहता है.
इज़राइल में इमरजेंसी घोषित
ईरान पर इज़राइल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं. इज़राइल ने शनिवार सुबह दावा किया कि उसने ईरान पर पहले से हमला किया है. इज़राइल के रक्षा मंत्री यिसराइल काट्ज़ ने कहा कि यह कार्रवाई एक संभावित खतरे के जवाब में की गई थी. हमले के बाद, पूरे इज़राइल में इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी गई है, और सरकार को डर है कि ईरान ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाबी हमला कर सकता है.