Home > विदेश > अमेरिका-ईरान के बीच थमेगी जंग! ट्रंप के एक बयान से मिडिल ईस्ट में नई हलचल; होर्मुज़ स्ट्रेट पर सभी की नजरें

अमेरिका-ईरान के बीच थमेगी जंग! ट्रंप के एक बयान से मिडिल ईस्ट में नई हलचल; होर्मुज़ स्ट्रेट पर सभी की नजरें

Middle East Tension: ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने अमेरिकी वॉर डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए.

By: Shubahm Srivastava | Published: March 23, 2026 6:42:17 PM IST



Donald Trump Iran Talks: ईरान के साथ चल रही जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव को पूरी तरह समाप्त करने के मुद्दे पर अच्छी बातचीत हुई है. उन्होंने संकेत दिया कि वार्ता का माहौल सकारात्मक है और यह बातचीत पूरे सप्ताह जारी रह सकती है. यह बयान हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच एक नरम रुख दर्शाता है, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है.

हमलों को 5 दिन के लिए टालने का फैसला

ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने अमेरिकी वॉर डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय वार्ता की प्रगति और सफलता पर निर्भर करेगा. यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो आगे भी सैन्य कार्रवाई टाली जा सकती है.

ईरान ने किया बातचीत से इनकार

ट्रंप के दावों के विपरीत, ईरान की Fars News Agency ने एक अज्ञात सरकारी स्रोत के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संपर्क नहीं हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पक्ष का कहना है कि ट्रंप ने संभावित हमलों के डर से पीछे हटने का फैसला लिया. इस विरोधाभासी बयान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है और यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में बातचीत हुई भी है या नहीं.

बयान के बाद तेल-गैस बाजार में गिरावट

ट्रंप के बयान का असर वैश्विक बाजारों पर तुरंत देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 13% की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई. इसके अलावा, गैस की कीमतें भी 159 पेंस प्रति थर्म से घटकर 139 पेंस प्रति थर्म तक पहुंच गईं. लंदन का FTSE सूचकांक भी गिरावट से उबरकर 0.5% की बढ़त पर पहुंच गया. यह संकेत देता है कि बाजार ने इस बयान को तनाव कम होने के संकेत के रूप में लिया.

अनसुलझे सवाल और रणनीतिक मुद्दे

हालांकि ट्रंप के बयान से उम्मीद जगी है, लेकिन कई महत्वपूर्ण सवाल अब भी अनुत्तरित हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत किन मुद्दों पर हुई—क्या यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलों या सिर्फ युद्धविराम तक सीमित थी.

विशेषज्ञों का मानना है कि Strait of Hormuz इस पूरे विवाद का एक अहम केंद्र है. यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और ईरान का इस पर मजबूत नियंत्रण उसे रणनीतिक बढ़त देता है.

डेडलाइन, धमकियां और हालिया घटनाक्रम

इससे पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करेगा. इसी बीच, ईरान और Israel के बीच भी तनाव बढ़ा, जब ईरानी मिसाइलों ने दक्षिणी इज़राइल को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए.

ईरान ने जवाब में कहा कि वह क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी देशों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है. साथ ही, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन कुछ जहाजों पर प्रतिबंध लगाया गया है, खासकर उन पर जो विरोधी देशों से जुड़े हैं.

आगे क्या?

वर्तमान स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है, जहां एक ओर बातचीत के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर तनाव और सैन्य गतिविधियां जारी हैं. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या ये वार्ताएं वास्तव में किसी ठोस समझौते तक पहुंचेंगी या यह सिर्फ अस्थायी राहत साबित होगी. आने वाले दिन मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं.

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