Russia Warning 11 European Nations: दुनिया में पहले से चल रहे युद्धों के बीच व्लादिमीर पुतिन ने एक नया और खतरनाक संकेत दिया है। रूस, जो पहले यूक्रेन से था के साथ लंबे समय से युद्ध में उलझा है, अब संघर्ष को और व्यापक करने की तैयारी में दिख रहा है. ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने 11 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई है. इन ठिकानों को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता और तनाव काफी बढ़ गया है.
यूरोप को सीधी चेतावनी
रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध अब केवल एक सीमित संघर्ष नहीं रहेगा. क्रेमलिन की ओर से जारी संदेश में उन देशों को चेतावनी दी गई है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन की मदद कर रहे हैं. रूस की सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव ने सोशल मीडिया पर तीखा बयान देते हुए यूरोपीय देशों को “चैन की नींद सोने” की व्यंग्यात्मक सलाह दी. उनका संकेत साफ था कि जिन देशों में यूक्रेन के लिए हथियार या ड्रोन बनाए जा रहे हैं, वे अब रूसी हमलों के दायरे में आ सकते हैं.
11 देशों की ‘हिटलिस्ट’ से बढ़ी हलचल
रूस द्वारा जारी तथाकथित ‘हिटलिस्ट’ में कई प्रमुख देशों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, पोलैंड, स्पेन, इटली और नीदरलैंड जैसे देश शामिल हैं. इसके अलावा तुर्की और इजरायल का नाम भी इस सूची में होने का दावा किया गया है. रूस का कहना है कि ये देश यूक्रेन के लिए “रणनीतिक सपोर्ट बेस” बन चुके हैं, जहां से हथियार और तकनीकी सहायता दी जा रही है.
तुर्किये पर खास नजर
सूची में तुर्किये का नाम शामिल होना विशेष रूप से ध्यान खींचता है. तुर्किये एक नाटो सदस्य होने के साथ-साथ मुस्लिम बहुल देश भी है, जिसने अब तक रूस और यूक्रेन के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है. लेकिन रूस का आरोप है कि तुर्किये में ऐसी फैक्ट्रियां काम कर रही हैं, जो यूक्रेन के लिए ड्रोन के पुर्जे तैयार कर रही हैं.
इस कारण रूस ने साफ संकेत दिया है कि यदि उसके खिलाफ इन संसाधनों का उपयोग हुआ, तो तुर्किये भी कार्रवाई से अछूता नहीं रहेगा.
यूक्रेन पर भीषण हमला
इन चेतावनियों के बीच रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला भी किया है. एक ही रात में सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हमला कर कई इलाकों को निशाना बनाया गया. भारी बमों के इस्तेमाल से इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं और कई लोगों की जान चली गई, जिनमें बच्चे भी शामिल थे. यह हमला इस बात का संकेत है कि युद्ध अब और अधिक विनाशकारी रूप ले सकता है.