Home > विदेश > Iran Israel War: अगर अमेरिका-इजराइल ने नहीं मानी ईरान की ये 6 शर्तें, तो मचेगी भयंकर तबाही; नहीं होगी जंग खत्म

Iran Israel War: अगर अमेरिका-इजराइल ने नहीं मानी ईरान की ये 6 शर्तें, तो मचेगी भयंकर तबाही; नहीं होगी जंग खत्म

Middle East War: अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस युद्ध की वजह से दुनियाभर में कई देशों को संकट से गुजरना पड़ रहा है. वहीं तीनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, और ऐसा लगता है कि फिलहाल युद्धविराम की कोई संभावना नहीं है.

By: Heena Khan | Published: March 23, 2026 7:20:17 AM IST



Middle East War: अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रही जंग ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस युद्ध की वजह से दुनियाभर में कई देशों को संकट से गुजरना पड़ रहा है. वहीं तीनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, और ऐसा लगता है कि फिलहाल युद्धविराम की कोई संभावना नहीं है. लेकिन इसी दौरान एक बड़ा ट्विस्ट आया और  ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए इज़राइल और अमेरिका के सामने कई बड़ी शर्तें रख दीं. इस दौरान ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि वो सिर्फ़ युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा; बल्कि, अगर तबाही से बचना है, तो युद्ध को पूरी तरह से खत्म करना होगा. इस दौरान अमेरिका और इजराइल के सामने ईरान ने बड़ी शर्तें रखीं और कहा कि तबाही तभी रुकेगी जब हमारी ये बातें मानी जाएंगी. 

क्यों घबरा गया ईरान 

बता दें कि अब इज़राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया और हमले शुरू कर दिए. जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने भी इज़राइल के परमाणु स्थलों को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की है. इस दौरान उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में नाकाम रहता है, तो उसके पावर ग्रिड पर हमले किए जाएंगे.

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युद्ध रोकने के लिए इजराइल-अमेरिका को माननी होंगी ये शर्तें 

  • ईरान विरोधी मीडिया कर्मियों पर मुकदमा चलाना और उन्हें वापस भेजना.
  • युद्ध दोबारा न होने की गारंटी.
  • इलाके में अमेरिकी मिलिट्री बेस बंद करना.
  • हमला बंद करना और ईरान को मुआवज़ा देना.
  • सभी इलाके के मोर्चों पर दुश्मनी खत्म करना.
  • होर्मुज स्ट्रेट के लिए एक नई कानूनी व्यवस्था लागू करना.

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