Antonio Costa OCI card: भारत-यूरोपियन यूनियन ट्रेड डील की घोषणा के दौरान एक हल्का-फुल्का और दिल को छू लेने वाला पल सामने आया, जब यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने अचानक अपना OCI कार्ड निकाला और भारत के साथ अपने पर्सनल कनेक्शन के बारे में बात की. प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी स्टेज पर मौजूद थे. कोस्टा ने गोवा से अपने पारिवारिक संबंधों का ज़िक्र किया, और इसे भारत और यूरोप के बीच बढ़ती पार्टनरशिप से जोड़ा है.
एंटोनियो कोस्टा के पिता का जन्म और पालन-पोषण गोवा में हुआ था, जो कभी पुर्तगाली कॉलोनी था। गोवा की आज़ादी के बाद जब कोस्टा के पिता 18 साल के थे, तो वे पुर्तगाल चले गए. कोस्टा ने बताया कि बचपन में उन्हें ‘बाबुश’ कहकर बुलाया जाता था, जो कोंकणी भाषा में एक पॉपुलर निकनेम है.
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ज्वाइंट प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, कोस्टा ने कहा, “मैं यूरोपियन काउंसिल का प्रेसिडेंट हूं, लेकिन मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं.” यह कहते हुए, उन्होंने अपनी जेब से अपना OCI कार्ड निकाला. फिर उन्होंने गोवा से अपने कनेक्शन के बारे में बात की, यह बात वहां मौजूद ज़्यादातर लोगों को पता नहीं थी.
कोस्टा ने कहा, “आप समझ सकते हैं कि इसका मेरे लिए एक खास मतलब है. मुझे अपने गोअन मूल पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आता है. यूरोप और भारत के बीच का रिश्ता मेरे लिए पर्सनल भी है.” एंटोनियो कोस्टा पहले 2015 से 2024 तक पुर्तगाल के प्रधानमंत्री रह चुके है.
#WATCH | Delhi | President of the European Council, António Luís Santos da Costa, says, “I’m the President of the European Council, but I’m also an overseas Indian citizen. Then, as you can imagine, for me it has a special meaning. I’m very proud of my roots in Goa, where my… pic.twitter.com/wDMuNbzr3h
— ANI (@ANI) January 27, 2026
एंटोनियो कोस्टा का गोवा से क्या कनेक्शन है?
भारत की इस यात्रा ने कोस्टा की बचपन की कई यादें ताज़ा कर दी होंगी. वह पहले 2017 में भारत आए थे, जब वह पुर्तगाल के प्रधानमंत्री थे. उस यात्रा के दौरान वह अपने पिता, ऑरलैंडो कोस्टा, जो एक जाने-माने कवि और उपन्यासकार थे, के एक नाटक के अंग्रेजी अनुवाद के विमोचन के लिए गोवा आए थे. एंटोनियो कोस्टा का जन्म 1961 में लिस्बन में हुआ था, लेकिन वह पहली बार एक टीनएजर के तौर पर अपने माता-पिता के साथ गोवा आए थे. उनके दादा का जन्म मडगांव में हुआ था और उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा वहीं बिताया था. कोस्टा के पिता ऑरलैंडो कोस्टा एक जाने-माने लेखक थे जिनके कामों में उनकी गोअन विरासत साफ झलकती थी. उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर के बारे में भी लिखा था.
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2017 में गोवा यात्रा के दौरान, कोस्टा ने कहा, “मेरे पिता लिस्बन चले गए, लेकिन उन्होंने गोवा को कभी नहीं छोड़ा. गोवा हमेशा उनकी लेखनी में मौजूद रहा.” कोस्टा का पुश्तैनी घर, जो 200 साल से भी ज़्यादा पुराना है, आज भी मडगांव में अबादे फारिया रोड पर मौजूद है, जहां उनके परिवार के दूसरे सदस्य रहते है. 2017 की अपनी यात्रा के दौरान कोस्टा उस घर गए और अपने रिश्तेदारों से मिले. 64 साल के एंटोनियो कोस्टा को उनके शांत स्वभाव और सुलह कराने वाले बातचीत के तरीके की वजह से अक्सर “लिस्बन का गांधी” कहा जाता है.
हालांकि कोस्टा अब ब्रसेल्स से यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट के तौर पर काम करते हैं, लेकिन मंगलवार को उनके भाषण से यह साफ़ ज़ाहिर होता है कि गोवा का एक हिस्सा आज भी उनके दिल में बसा हुआ है।शत यूरोपियन सामानों पर टैरिफ खत्म करेगा.