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Bangladesh Crisis: भारत के बिना बांग्लादेश का कोई वजूद नहीं! अगर हिंदुस्तान से नहीं गया ये सामान तो पाक की तरह छा जाएगी कंगाली

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश भारत को नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठा सकता, क्योंकि देश काफी हद तक अपने पड़ोसी से आयात किए जाने वाले सामान पर निर्भर है. इन आयातों में रुकावट से देश में अकाल भी पड़ सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात भागीदार है.

By: Heena Khan | Published: January 8, 2026 10:59:53 AM IST



India-Bangladesh Relation: बांग्लादेश में एक बार फिर राष्ट्रवादी भावनाएं बढ़ रही हैं, और कई दिनों से हिंसा और भी ज्यादा भड़क उठी है. चरमपंथियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है. आग इतनी भड़क चुकी थी कि इस अशांति के बीच, भारत विरोधी प्रदर्शन भी देखे गए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बांग्लादेश में इन भारत विरोधी प्रदर्शनों के बावजूद, पड़ोसी देश में भारत को व्यापक पहचान मिली हुई है, और बांग्लादेश कई ज़रूरी चीज़ों के लिए भारत की तरफ कदम बढ़ाता है? अगर यह मदद बंद हो जाए, तो बांग्लादेश को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा, इसी दौरान अकाल भी पड़ सकता है.

कैसे शुरू हुई बांग्लादेश में हिंसा? 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पड़ोसी मुल्क यानी बांग्लादेश में हिंसा असल में 11 दिसंबर को इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद शुरू हुई. इस दौरान एक हिंदू व्यक्ति की हत्या ने हिंसा की आग को और भड़का दिया. इस बीच, भारत विरोधी विरोध प्रदर्शन भी बड़े पैमाने पर हो रहे हैं. लेकिन, मुहम्मद यूनुस सरकार के अधिकारी अच्छी तरह समझते हैं कि भारत के साथ टकराव देश को कंगाल कर सकता है. यही वजह है कि भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, अंतरिम सरकार सुलह के संकेत दे रही है. यूनुस प्रशासन में वित्तीय सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने मंगलवार को कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का भारत जैसे बड़े पड़ोसी देश के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है.

भारत से टकराव पड़ सकता है भारी 

बांग्लादेश भारत को नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठा सकता, क्योंकि देश काफी हद तक अपने पड़ोसी से आयात किए जाने वाले सामान पर निर्भर है. इन आयातों में रुकावट से देश में अकाल भी पड़ सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात भागीदार है. ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, भारत ने पिछले साल बांग्लादेश को $11.32 बिलियन का सामान निर्यात किया था. इसमें कपास और अनाज से लेकर पेट्रोलियम उत्पादों तक सब कुछ शामिल था.

भारत से बांग्लादेश जाती हैं ये चीजें

  • कपास धागा ($2.70 बिलियन)
  • पेट्रोलियम उत्पाद ($1.29 बिलियन)
  • विद्युत ऊर्जा ($1.08 बिलियन)
  • मशीनरी, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर ($506.43 मिलियन)
  • कार्बनिक रसायन ($383.55 मिलियन)
  • चाय, कॉफी और अन्य ($317.04 मिलियन)

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