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क्या America के लिए खतरनाक है WHO छोड़ना? Trump की इस हरकत से क्यों नाखुश हैं हेल्थ एक्सपर्ट; समझें

WHO: अमेरिका आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से अलग हो गया है. जी हाँ! इसे लेकर गुरुवार को ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि अमेरिका की मेंबरशिप अब WHO से खत्म कर दी गई है.

By: Heena Khan | Published: January 23, 2026 7:39:42 AM IST



US Exits WHO: हाल ही में ट्रंप को लेकर एक ऐसी खबर आई है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, अमेरिका आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से अलग हो गया है. जी हाँ! इसे लेकर गुरुवार को ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि अमेरिका की मेंबरशिप अब WHO से खत्म कर दी गई है. यह ठीक एक साल बाद हुआ है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHO से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश पर साइन किए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चश्मदीदों ने इस बात की जानकारी दी है कि गुरुवार को जिनेवा में WHO हेडक्वार्टर के बाहर से अमेरिकी झंडा हटा दिया गया था. यह फैसला अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग और विदेश विभाग ने मिलकर किया.  

WHO से क्यों खफा हैं ट्रंप 

दरअसल अमेरिकी सरकार ने आरोप लगाया कि WHO ने COVID-19 महामारी के दौरान समय पर ग्लोबल इमरजेंसी घोषित नहीं की और अमेरिका के शुरुआती फैसलों की गलत तरीके से आलोचना भी की. इतना ही नहीं इसे लेकर ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि WHO ने कुछ देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने के अमेरिका के फैसले पर कई सवाल खड़े किए. इतना ही नहीं, अमेरिकी सरकार ने कहा कि अमेरिका WHO के बजट में सबसे ज़्यादा योगदान देने वाला देश था, फिर भी उसे संगठन से कुछ खास फायदा नहीं हुआ और न ही कोई अमेरिकी कभी इसका डायरेक्टर-जनरल बना.

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WHO छोड़ना क्या अमेरिका के लिए खतरनाक 

लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ट्रंप के इस फैसले से सिर्फ बाहरी देश ही नहीं बल्कि खुद अमेरिका भी नाखुश है. इसे पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि WHO छोड़ना अमेरिका के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन्फेक्शियस डिज़ीज़ सोसाइटी ऑफ़ अमेरिका के प्रेसिडेंट रोनाल्ड नहास ने अमेरिका के इस फैसले को लेकर कहा कि यह फैसला दूर की न सोचने वाला और गलत था. उन्होंने कहा कि बीमारियाँ बॉर्डर नहीं देखतीं, और नागरिकों को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका ग्लोबल सहयोग है. WHO से अलग होने से अमेरिका के लिए इबोला और सालाना फ्लू जैसे उभरते रोगों पर नज़र रखना मुश्किल हो जाएगा. इससे सही वैक्सीन स्ट्रेन चुनने की अमेरिका की क्षमता पर भी असर पड़ेगा.

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