NHRC Notice To Monalisa Marriage: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने प्रयागराज महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोंसले और फरमान की शादी को लेकर गंभीर संज्ञान लिया है. शिकायत में मोनालिसा के नाबालिग होने का दावा किया गया है, जिसके बाद आयोग ने उम्र की जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले ने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक हलचल मचा दी है. जांच की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है.
महाकुंभ वीडियो से उठा विवाद
विवाद की जड़ Maha Kumbh Mela 2025 के दौरान वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ी है. इस वीडियो में मोनालिसा रुद्राक्ष बेचते हुए नजर आई थीं और उन्होंने अपनी उम्र लगभग 16 साल बताई थी. 27 मार्च को इसी आधार पर आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद मामले की औपचारिक जांच शुरू हुई. आयोग ने सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं.
दस्तावेजों और शादी पर उठे सवाल
शिकायत में मोनालिसा की उम्र से जुड़े दस्तावेजों में संभावित फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है. साथ ही विवाह में दबाव, धोखाधड़ी या पहचान छिपाने जैसे पहलुओं की भी जांच की मांग की गई है. NHRC (National Human Rights Commission) ने इसे प्रथमदृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा मामला मानते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं. इस कार्रवाई का नेतृत्व आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की पीठ द्वारा किया जा रहा है.
कानूनी कार्रवाई की मांग तेज
शिकायतकर्ता ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में मोनालिसा नाबालिग पाई जाती हैं, तो पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. इसके अलावा पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है. यह मामला कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप लेता जा रहा है.
परिवार के आरोप, जांच जारी
मोनालिसा के माता-पिता और अन्य संबंधित लोगों ने भी उनकी उम्र और शादी को लेकर सवाल उठाए हैं. वहीं मोनालिसा ने मीडिया के सामने खुद को बालिग बताया है. खरगोन के एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी. आयोग ने मध्य प्रदेश और केरल प्रशासन को समन्वय के साथ निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

