Magh Mela: संगम तट पर हंगामा! कौन हैं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, स्नान से क्यों किया इनकार?

Magh Mela: मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर संगम के तट पर उस समय भारी हंगामा मच गया जब पुलिस ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के जुलूस को रोक दिया है. जानें पूरा मामला क्या है?

Published by Mohammad Nematullah

Magh Mela: मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर संगम के तट पर उस समय भारी हंगामा मच गया जब पुलिस ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के जुलूस को रोक दिया है. विवाद तेज़ी से बढ़ा, जिससे पुलिस और उनके समर्थकों के बीच तीखी झड़प और हाथापाई हुई है.

समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया है. जिससे शंकराचार्य नाराज हो गए, और उन्होंने संगम में पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया है.

इतना बड़ा विवाद क्यों हुआ?

मौनी अमावस्या के कारण लाखों श्रद्धालु पहले ही संगम तट पर जमा हो चुके थे. जब शंकराचार्य का काफिला जिसमें एक रथ भी शामिल था. संगम की ओर बढ़ा तो प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और भगदड़ के जोखिम का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया है. पुलिस अधिकारियों ने शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल आगे बढ़ने का अनुरोध किया है. लेकिन उनके समर्थकों ने रथ से ही आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया है.

‘हाथापाई’ के आरोप और नाराज श्रद्धालु

प्रत्यक्षदर्शियों और समर्थकों के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में पुलिस ने बल प्रयोग किया है. शिष्यों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई श्रद्धालु घायल हुए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है. इस घटना के बाद, शंकराचार्य बहुत नाराज हो गए और उन्होंने अपना जुलूस बीच में ही रोक दिया है. उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में संगम में स्नान करने की अपनी योजना छोड़ दी, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में तनाव फैल गया.

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कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने क्या कहा?

प्रयागराज मंडल की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा ‘स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी लगभग 200 समर्थकों के साथ परंपरा के खिलाफ और बिना किसी अनुमति के रथ पर ‘स्नान’ करने आए थे. संगम पर भारी भीड़ थी, और उनके समर्थकों ने बैरिकेड तोड़ दिए और लगभग 3 घंटे तक वापसी का रास्ता रोक दिया. इससे आम नागरिकों को बहुत असुविधा हुई. कोई भी दुर्घटना हो सकती थी.’

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूरे विवाद के बारे में क्या कहा?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य ने कहा ‘अभी स्थिति यह है कि हमें पवित्र स्नान करने से रोका जा रहा है. देखते हैं आगे क्या होता है. प्रशासन जो चाहे कर सकता है. हमने अपने लोगों से वापस लौटने के लिए कहा है क्योंकि प्रशासन बाधा डाल रहा है. हमारे आगे बढ़ने का कोई कारण नहीं है. हम प्रशासन का सहयोग कर रहे है.’ 

प्रशासनिक मशीनरी हाई अलर्ट पर, स्थिति तनावपूर्ण

हालात की गंभीरता को देखते हुए संगम नोज पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है. सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और शंकराचार्य को मनाने की कोशिशें जारी है. प्रशासन का कहना है कि भीड़ का दबाव इतना ज़्यादा था कि रथ को आगे जाने देना खतरनाक हो सकता था. फिलहाल संगम पर स्थिति कंट्रोल में है, लेकिन श्रद्धालुओं में प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा है.

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