Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में इंजीनियर की मौत के मामले में बड़ा एक्शन लिया है. सरकार ने नोएडा के CEO डॉ. लोकेश एम. को उनके पद से हटाकर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है. लोकेश एम. ने जुलाई 2023 में नोएडा अथॉरिटी का कार्यभार संभाला था. कार दुर्घटना में इंजीनियर की मौत का खुद संज्ञान लेते हुए, CM योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के भी आदेश दिए है. CM ने इसके लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया है. यह SIT जांच करेगी और पांच दिनों के अंदर मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटना की जांच के लिए मेरठ जोन के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADG) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है. मेरठ के डिविजनल कमिश्नर और पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के चीफ इंजीनियर भी SIT का हिस्सा है. घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनने के बाद नोएडा मेट्रो कॉर्पोरेशन के CEO और MD को उनके पदों से हटा दिया गया है.
अथॉरिटी ने पिछले दिन एक जूनियर इंजीनियर को हटाया था
मामला बढ़ने के बाद नोएडा अथॉरिटी ने रविवार को लापरवाही के लिए कार्रवाई की. सेक्टर-150 इलाके में ट्रैफिक मैनेजमेंट के काम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए. नोएडा ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं भी तुरंत खत्म कर दी गईं है.
CEO ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी
इस बीच लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी. अथॉरिटी के CEO ने साफ संदेश दिया था कि कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. सभी विभागों को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स का फिर से सेफ्टी ऑडिट करने का भी निर्देश दिया गया था, लेकिन अब सरकार ने सीधे CEO को ही हटा दिया है.

