CBI Child Abuse Case: अपराध की इस दुनिया से कई बार हैवानियत भरे ऐसे मामले सामने आते हैं जिसे जानकर रूह कांप उठती है. अभी हाल ही में जहां एप्सटीन फाइल ने लोगों को अंदर झंकझोर कर रख दिया था. वहीं अब उत्तर प्रदेश से ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक स्पेशल कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. शुक्रवार को कोर्ट ने एक कपल को 33 नाबालिग बच्चों के साथ क्रूरता करने और उनके पोर्नोग्राफिक वीडियो डार्क वेब पर बेचने के जुर्म में मौत की सज़ा सुनाई है. बता दें कि कोर्ट ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर” बताया. इसका सीधा सीधा मतलब ये है कि ये ऐसे मामले हैं जो काफी कम होते हैं. आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि इस मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन ने की थी. छह साल पुराने इस मामले में पीड़ितों को आखिरकार इंसाफ मिल गया है.
कोर्ट ने लिया ये फैसला
जानकारी के मुताबिक CBI जांच के आधार पर बांदा की स्पेशल POCSO कोर्ट ने यह सख्त फैसला लिया है. दरअसल, 20 फरवरी को, स्पेशल जज, POCSO केस, बांदा ने आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सज़ा सुनाई है. उन्हें इंडियन पीनल कोड और POCSO एक्ट की कई धाराओं के तहत दोषी पाया गया, जिसमें अप्राकृतिक यौन अपराध, गंभीर यौन शोषण, पोर्नोग्राफ़ी में बच्चों का इस्तेमाल और आपराधिक साज़िश शामिल हैं. कोर्ट ने साफ कहा कि अपराध बेहद घिनौना और प्लान किया हुआ था. इसलिए, इंसाफ के हिसाब से सख्त से सख्त सज़ा दी जानी चाहिए.
कौन हैं इस घिनौने कांड के अपराधी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस घिनौने कांड का मुख्य आरोपी, रामभवन, सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर रह चुका है. वो चित्रकूट में रहता था और अपने इलाके के बच्चों को इस दलदल में डालता था. उसकी पत्नी, दुर्गावती, इस जुर्म में बराबर की पार्टनर पाई गई. दोनों ने मिलकर बच्चों का यौन शोषण किया और वीडियो भी बनाए. जांच में इस बात की जानकारी मिली कि यह कई सालों तक चलता रहा. आरोपी बाहर से तो नॉर्मल ज़िंदगी जीते दिखते थे, लेकिन इस मासूम चेहरे के पीछे हैवान थे, कोर्ट का कहना है कि दोनों ने भरोसे का बहुत गलत इस्तेमाल किया था.

