आजकल लगभग हर किसी को मोबाइल की लत लगी हुई है। लोग इसे सोते-जागते, खाते-पीते, और यहां तक कि टॉयलेट में भी साथ रखते हैं। कुछ लोग तो कमोड पर बैठकर घंटों रील्स और वीडियो देखते रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है? हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग टॉयलेट में बैठकर मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, उनमें बवासीर (Hemorrhoids) होने का खतरा बढ़ जाता है। यह एक गंभीर समस्या है जो रोजमर्रा की जिंदगी को असहज बना सकती है।
टॉयलेट में मोबाइल चलाने से बवासीर का खतरा बढ़ सकता है
बवासीर (Hemorrhoids) की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। यह रोग अक्सर लगातार कब्ज और गहन शौच संबंधी दबाव के कारण होता है।टीओआई(TOI) में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, उनमें बवासीर होने का जोखिम उन लोगों की तुलना में 46% अधिक होता है, जो शौचालय में मोबाइल का उपयोग नहीं करते। यह अध्ययन जर्नल PLOS ONE में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के बेथ इस्राइल डीकॉनेस मेडिकल सेंटर (BIDMC) में लगभग 125 पुरुष और महिलाओं पर यह स्टडी की। प्रतिभागियों से टॉयलेट में स्मार्टफोन के उपयोग के बारे में पूछा गया और उनके शारीरिक स्वास्थ्य को भी रिकॉर्ड किया गया।
टॉयलेट में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से बवासीर का जोखिम कैसे बढ़ता है?
हाल ही में किए गए अध्ययन में लगभग 66% प्रतिभागियों ने बताया कि वे शौचालय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बाकी लोग ऐसा नहीं करते। कोलोनोस्कोपी के नतीजों से पता चला कि जिन लोगों ने टॉयलेट पर फोन इस्तेमाल नहीं किया, उनमें केवल 38% को बवासीर था, वहीं स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों में यह प्रतिशत 51% था।शोधकर्ताओं ने बताया कि उम्र, लिंग, BMI, एक्सरसाइज की आदत, टॉयलेट में जोर लगाना और फाइबर का सेवन जैसे कारकों को ध्यान में रखने के बावजूद स्मार्टफोन का इस्तेमाल बवासीर का जोखिम 46% तक बढ़ा देता है।प्लॉस वन (PLOS ONE) में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, जो लोग टॉयलेट में स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, वे अधिक समय तक बैठते हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि सबसे आम गतिविधियों में न्यूज़पेपर पढ़ना (54%) और सोशल मीडिया पर समय बिताना (44%) शामिल है।
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