Rishabh Pant vs Sanju Samson vs Ishan Kishan: भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है, जो 11 जनवरी को वडोदरा के BCA स्टेडियम में शुरू होगी. शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे, रोहित शर्मा और विराट कोहली वनडे सेटअप में बने रहेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर को उप-कप्तान बनाया गया है, बशर्ते उन्हें BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फिटनेस क्लीयरेंस मिल जाए.
हालाँकि हर बार की तरह इस बार भी टीम घोषणा के बाद खिलाड़ियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसमें सबसे पहला नाम ऋषभ पंत का है, जिनकी टीम में वापसी हुई है. अब सवाल ये उठ रहा है कि संजू सैमसन और ईशान किशन के अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उन्हें टीम में जगह क्यों नहीं मिली. उनकी जगह ऋषभ पंत को तरजीह दी गई.
पंत का प्रदर्शन
पंत उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उन्हें प्लेइंग इलेवन में एक भी मौका नहीं मिला, क्योंकि टीम ने केएल राहुल को प्राथमिकता दी थी. इस बीच, घरेलू क्रिकेट में भी पंत का प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा है. दिल्ली टीम की कप्तानी करते हुए उन्होंने अब तक चार विजय हजारे ट्रॉफी मैचों में सिर्फ 70 रन बनाए हैं.
संजू सैमसन का प्रदर्शन
संजू सैमसन ने दिसंबर 2023 में पार्ल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत के लिए खेलते हुए अपने आखिरी वनडे मैच में शानदार सेंचुरी बनाई थी. हालांकि, उसके बाद से उन्होंने कोई लिस्ट ए मैच नहीं खेला है, और अब दो साल से ज़्यादा हो गए हैं.
ईशान किशन का प्रदर्शन
ईशान किशन लगातार अपनी परफॉर्मेंस से खुद को साबित कर रहे हैं. 2023-24 के साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान मेंटल थकान का हवाला देते हुए टीम से हटने के बाद से वह सिलेक्शन की दौड़ से बाहर थे, लेकिन अब उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में ज़ोरदार वापसी की है. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय T20I टीम में वापसी का रास्ता दिखाया. इसके बाद, उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में झारखंड के लिए एक मैच में सिर्फ़ 39 गेंदों पर 125 रनों की तूफ़ानी पारी खेली.
वहीं अगर हम तीनों खिलाड़ियों के वनडे औसत की बात करें तो – उन आकड़ों को देखकर भी काफी चीजें साफ होती हैं.
भारतीय विकेटकीपरों का वनडे औसत:-
संजू सैमसन – 56.67
ईशान किशन – 42.4
ऋषभ पंत – 34.0
सेलेक्टर्स का नजरिया
सिलेक्टर टीम के बैलेंस और ज़रूरतों के आधार पर खिलाड़ियों को चुनते हैं. वे एक ऐसे विकेटकीपर की तलाश में हैं जो मिडिल ऑर्डर में तेज़ी से रन बना सके. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ आने वाली सीरीज़ में यह देखना होगा कि ऋषभ पंत सिलेक्टर्स के भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं.