Home > खेल > Anvay Dravid U19 Selection: नेपोटिज्म या प्रदर्शन! किसके दम पर अन्वय द्रविड़ को मिला अंडर19 टीम में मौका?

Anvay Dravid U19 Selection: नेपोटिज्म या प्रदर्शन! किसके दम पर अन्वय द्रविड़ को मिला अंडर19 टीम में मौका?

Rahul Dravid Son: क्या अन्वय द्रविड़ को अंडर-19 टीम में जगह नेपोटिज़्म के कारण मिली या दमदार प्रदर्शन की वजह से? जानिए राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय के असली आंकड़े, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन, और उनके चयन से जुड़ी पूरी सच्चाई का विश्लेषण.

By: Shivani Singh | Last Updated: November 20, 2025 6:53:07 PM IST



भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी दिग्गज खिलाड़ी के बेटे को मौका मिलता है, सवाल उठना लाज़मी है. क्या सीट सरनेम की वजह से मिली, या वाकई में बन्दे में असली टैलेंट है? इसी बहस के बीच अब चर्चा के केन्द्र में हैं राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़, जिन्हें हाल ही में इंडिया अंडर-19 टीम में जगह मिली है. लेकिन यह चांस क्या वाकई विरासत का फायदा है, या फिर एक युवा विकेटकीपर-बैटर की लगातार दमदार परफॉर्मेंस का नतीजा? ये तभी पता चलेगा जब आप इनके स्टैट्स देखोगे, तो चलिए बात करते हैं राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ के क्रिकेट में अब तक के प्रदर्शन के बारे में.

रैंक के ज़रिए अन्वय का आगे बढ़ना 

अगर आप में से कुछ लोग ऐसा सोच रहे हैं की अन्वय को मौका उनके पिता राहुल द्रविड़ की वजह से दिया गया है. तो आप बिलकुल गलत सोच रहे हैं. आपको बता दें कि अन्वय द्रविड़ को हाल ही में बेंगलुरु में होने वाली ट्राई-सीरीज़ के लिए इंडिया अंडर-19 B टीम में चुना गया है, जो उनके युवा करियर में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा सकता है. उनका सिलेक्शन सिर्फ़ उनके सरनेम की वजह से ही नहीं, बल्कि इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनकी सालों की लगातार कड़ी मेहनत को दिखाता है. 

वीनू मांकड़ टूर्नामेंट में की है टीम की कप्तानी 

यही नहीं अन्वय ने कई एज-ग्रुप टूर्नामेंट में कर्नाटक को रिप्रेजेंट किया है, जिसमें वीनू मांकड़ ट्रॉफी जैसे जाने-माने टूर्नामेंट में स्टेट टीम की कप्तानी भी इन्होने की है. कोच और मेंटर्स ने उनकी लीडरशिप और क्रिकेट की समझ की बहुत तारीफ़ की है, जिन्होंने उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर देखा है जो ज़्यादा प्रेशर वाली सिचुएशन में भी अपनी जगह बनाए रख सकता है.  

डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार परफॉर्मेंस 

अन्वय के लिए ब्रेक थ्रू मोमेंट 2023-24 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के दौरान आया, जहाँ वह कर्नाटक के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. पाँच मैचों में, उन्होंने 45 की शानदार एवरेज से कुल 357 रन बनाए, जिसमें चार हाफ-सेंचुरी शामिल हैं. इस परफॉर्मेंस ने उन्हें इंडियन क्रिकेट के भविष्य के लिए एक मज़बूत उम्मीद के तौर पर पहचान दिलाई, उनकी कंसिस्टेंसी और प्रेशर में रन बनाने की काबिलियत ने उन्हें एक ऐसे क्रिकेटर के तौर पर अलग पहचान दिलाई है जिसमें बहुत ज़्यादा पोटेंशियल है.

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अपनी खुद की पहचान बनाना

हालांकि उनके पिता राहुल द्रविड़ से तुलना होना तो लाज़मी है, लेकिन अन्वय क्रिकेट की दुनिया में अपना रास्ता खुद बनाने के लिए पक्के इरादे वाले लगते हैं. अपने शांत स्वभाव, टेक्निकल सटीकता और डिसिप्लिन्ड अप्रोच के लिए जाने जाने वाले अन्वय ने अपने खेलने के मेथडिकल स्टाइल के लिए तारीफ़ बटोरी है. लेकिन अपने पिता की ‘दीवार’ वाली इमेज के उलट, अन्वय अपनी क्रिकेटिंग फिलॉसफी को खुद डिफाइन करने पर अड़े हैं.

समित द्रविड़: एक और द्रविड़ जो धूम मचा रहा है

अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़, पहले ही इंडियन क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं. समित को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक सीरीज के लिए इंडिया अंडर-19 स्क्वाड में शामिल किया गया था, हालांकि घुटने की चोट के कारण वह सिलेक्शन से चूक गए। इस झटके के बावजूद, कूच बिहार ट्रॉफी में उनका कैंपेन शानदार रहा, जहां उन्होंने आठ मैचों में 362 रन बनाए और 16 विकेट लिए, जिससे उनकी टीम को टाइटल जिताने में मदद मिली.

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