Solar eclipse: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास माना जा रहा है. इस वर्ष अंतरिक्ष में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हो रही हैं, जिनमें सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण प्रमुख हैं. ग्रहण हमेशा से वैज्ञानिकों, खगोल वैज्ञानिकों और आम लोगों के लिए उत्सुकता का विषय रहे हैं. जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं तो पृथ्वी से एक अद्भुत खगोलीय दृश्य दिखाई देता है, जिसे ग्रहण कहा जाता है.
2026 में कुल चार ग्रहण
खगोलीय कैलेंडर के अनुसार साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगने हैं. इनमें से दो ग्रहण फरवरी और मार्च में लग चुके हैं. अब साल के बाकी दो ग्रहण अगस्त महीने में लगेंगे. इनमें 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण शामिल है. हालांकि यह दोनों ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देंगे, लेकिन भारत में इनका सीधा दृश्य देखने को नहीं मिलेगा.
12 अगस्त को लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
अगस्त 2026 की सबसे बड़ी खगोलीय घटना 12 अगस्त को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. पूर्ण सूर्य ग्रहण तब बनता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है. इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा सकता है और सूर्य के चारों ओर चमकती रोशनी का घेरा दिखाई देता है. वैज्ञानिक भाषा में इस चमकते घेरे को “कोरोना” कहा जाता है.
यह रहेगा सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त को सुबह 4:25 बजे समाप्त होगा. हालांकि पूर्ण ग्रहण का चरण केवल कुछ मिनटों तक ही रहता है.
इन देशों में देगा दिखाई
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से पृथ्वी के उत्तरी हिस्सों में दिखाई देगा. इसमें आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्से शामिल हैं. इसके अलावा फ्रांस, ब्रिटेन और इटली सहित यूरोप के कई देशों में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा.
भारत में क्यों नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण
जब यह सूर्य ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में रात होगी और सूर्य क्षितिज के नीचे रहेगा. इसी कारण भारत में यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं दे पाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल वहीं मान्य होता है जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों के कपाट भी सामान्य रूप से खुले रहेंगे.

