Home > धर्म > कहीं उठती है अर्थी, तो कहीं घाघरों में नजर आते हैं मर्द, जानें होली की अजब-गजब परंपराएं

कहीं उठती है अर्थी, तो कहीं घाघरों में नजर आते हैं मर्द, जानें होली की अजब-गजब परंपराएं

Holi 2026: इस साल रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाने वाली है. भारत में होली पर अजीब परंपराएं निभाई जाती हैं.

By: Preeti Rajput | Last Updated: March 2, 2026 3:07:19 PM IST



Holi 2026: भारत में होली पर अजीब परंपराएं निभाई जाती हैं. कहीं पर अंगारों पर चलना होता है, तो कहीं कोड़े बरसाए जाते हैं. इस साल होलिका दहन 2 मार्च और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाने वाली है. 

कोड़ामार होली

पंजाब के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में कोड़ामार होली मनाई जाती है. होली मनाने की यह खास परंपरा देवर-भाभी के बीच खेली जाने वाली है.  होली पर देवर-भाभी को रंगने का प्रयास करते हैं, जहां भाभी-देवर की पीठ पर कोड़े मारती है. इस दौरान देवर भाभी से नेग भी मांगता है. 

मुर्दा बनाकर निकाली जाती है शवयात्रा 

राजस्थान के भीलवाड़ा में जिंदा व्यक्ति को मुर्दा बनाकर उसकी शव यात्रा निकाली जाती है. यूवक को अर्थी पर लेटाया जाता है और फिर गाजे-बाजे के साथ रंग उड़ाते हुए पूरे शहर में उसकी शव यात्रा निकाली जाती है. प्रतिक के तौर पर अर्थी संस्कार भी किया जाता है. लेकिन उससे पहले अर्थी पर लेटा युवक भाग जाता है. यह परंपरा अंदर छिपी बुराइयों को बाहर निकलने के बारे में है. 

अंगारों पर चलने की परंपरा

मध्यप्रदेश के झाबुआ, उन्हेल में होलिक दहन के बाद अंगारों पर चलने की परंपरा सालों से चलती आ रही है. माना जाता है कि इससे आपके ऊपर कोई विपदा नहीं आती है. 

साड़ी पहनकर घूमते हैं मर्द 

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के संथेकुडलूर गांव में होली पर एक अजब-गजब परंपरा निभाई जाती है. यह रस्त रति-कामदेव की पूजा के तहत की जाती है. इस दौरान पुरुष भगवान को प्रसन्न करने के लिए महिलाओं के कपड़े पहनते हैं. 

पत्थर फेंककर खेलते हैं होली 

भारत में होली पर अलग-अलग परंराएं निभाई जाती हैं. राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर में आदिवासी बहुल क्षेत्र में एक-दूसरे पर पत्थर फेंककर होली खेली जाती है. पत्थर से चोट लगना यहां शुभ माना जाता है. 

स्पेशल तरह की रोटियां

हिमाचल प्रदेश के मंडी में होली पर बहन और बेटी के घर स्पेशलरोटियां भेजी जाती है. इन रोटियों में केसर, पिस्ता, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट शामिल होते हैं. माना जाता है कि जमीन में उगी फसल का भाग बेटियों को भेजने से मायके और ससुराल में सुख समृद्धि बनी रहती है. 

Chandra Grahan 2026: 100 साल बाद होली पर ऐसा चंद्र ग्रहण, जानिए आपके शहर में कितने बजे दिखेगा ‘ब्लड मून’?

हथौड़े की बारात

प्रयागराज होलिका दहन से एक दिन पहले हथौड़े की बारात निकाली जाती है. इस हथौड़े को दूल्हे के रूप पूजा जाता है. इस परंपरा को बुराई और नकारात्मकता के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है.  

Chandra Grahan ka sapna: होली के आसपास सपने में चंद्रग्रहण देखना शुभ संकेत या संकट की आहट?

Advertisement