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Chandra Grahan 2026: कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें समय, सूतक और किन राशियों को रहना होगा सतर्क

Chandra Grahan 2026: होली पर साल का पहला खंडग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा. शाम 5:59 से 6:47 बजे तक रहने वाले इस ग्रहण के कारण सुबह करीब 9 बजे से सूतक काल लागू होगा. ज्योतिष के अनुसार कुछ राशियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

Published by Ranjana Sharma

Chandra Grahan 2026: साल 2026 में रंगों का पर्व होली और धुलंडी एक खास खगोलीय संयोग के साथ मनाई जाएगी. 3 मार्च 2026 को जब देशभर में लोग रंगों का उत्सव मना रहे होंगे, उसी दिन साल का पहला खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. इस वजह से लोगों में उत्साह के साथ-साथ धार्मिक नियमों को लेकर कई तरह की जिज्ञासाएं भी देखी जा रही हैं.

कब है चंद्र ग्रहण

खगोलीय गणनाओं के मुताबिक, चंद्र ग्रहण 3 मार्च की शाम 5 बजकर 59 मिनट पर शुरू होकर 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यानी इसकी कुल अवधि लगभग 48 मिनट की होगी. यह ग्रहण भारत के साथ पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, रूस और पाकिस्तान समेत कई देशों में दिखाई देगा. चूंकि भारत में यह ग्रहण दृश्य रहेगा, इसलिए इसका सूतक काल और धार्मिक प्रभाव पूर्ण रूप से मान्य माना जाएगा.

इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का असर कुछ राशियों पर अधिक पड़ सकता है. विशेष रूप से इन राशियों के जातकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. इन लोगों के जीवन में मानसिक तनाव बढ़ सकता है. दांपत्य जीवन में मतभेद की स्थिति बन सकती है और रिश्तों में खटास आने की आशंका है. ऐसे में किसी भी बड़े निर्णय से पहले सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई है.

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को मानसिक दबाव और आर्थिक मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. उन्हें खर्चों पर नियंत्रण रखने और अनावश्यक चिंता से बचने की सलाह दी जाती है. 

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मीन राशि

मीन राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है. ऐसे में जूलखर्ची से बचते हुए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा.

मेष राशि

इस राशि के जातकों के जीवन में तनाव बढ़ सकता है. जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है और रिश्तों में खटास आ सकती है. कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले सोच-विचार जरूर करें.

इतने घंटे तक रहेगा सूतक

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, चंद्र ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. चूंकि ग्रहण शाम के समय लगेगा, इसलिए सुबह लगभग 9 बजे से सूतक काल प्रभावी हो जाएगा. इस अवधि में मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं. सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन करना वर्जित माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के पश्चात ही दोबारा दर्शन शुरू किए जाते हैं.

इन नियमों का पालन करें

ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि होली के उत्साह के साथ धार्मिक नियमों का भी पालन करें. ग्रहण के दौरान अनावश्यक विवाद से बचें और शांत वातावरण बनाए रखें. होली और चंद्र ग्रहण का यह दुर्लभ संयोग इस दिन को और भी विशेष बना रहा है. यदि लोग सही समय और परंपराओं का ध्यान रखें, तो धार्मिक मर्यादा का सम्मान करते हुए पूरे उल्लास के साथ होली का आनंद लिया जा सकता है.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

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